# बीसीसीआई ने अनफिट खिलाड़ियों को क्यों दी टीम में जगह? जानिए चयन की नई रणनीति
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद से ही फैंस के बीच एक बड़ा सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है—आखिर बीसीसीआई ने उन खिलाड़ियों को क्यों चुना, जो चयन के समय पूरी तरह फिट नहीं थे?

स्क्वाड में शामिल हैं 4 अनफिट खिलाड़ी अफगानिस्तान सीरीज के लिए घोषित टीम में जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी और वाशिंगटन सुंदर के नाम शामिल हैं। इन चारों खिलाड़ियों के नाम के आगे एक विशेष स्टार (*) का निशान लगाया गया है, जो स्पष्ट करता है कि ये खिलाड़ी वर्तमान में पूरी तरह फिट नहीं हैं। इन खिलाड़ियों का खेलना उनकी रिकवरी और फिटनेस टेस्ट पास करने पर निर्भर करेगा।

चयन के पीछे का तर्क: 200% फिटनेस का नया नियम बीसीसीआई ने हाल ही में बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिए खिलाड़ियों की फिटनेस के लिए नए और कड़े मापदंड तैयार किए हैं। पहले नियम 100% फिटनेस का था, जिसे अब बढ़ाकर 200% मैच-फिटनेस कर दिया गया है।

नया नियम यह सुनिश्चित करता है कि खिलाड़ी केवल चोट से उभरे ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए पूरी तरह तैयार भी हो। बीसीसीआई का उद्देश्य हर्षित राणा जैसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकना है, जहां खिलाड़ी चोट से लौटने के बाद फिर से अनफिट हो गए थे।

समय से पहले चयन की मजबूरी बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए टीम का चयन अक्सर 3 से 4 सप्ताह पहले कर लिया जाता है। उन्होंने कहा, हम किसी खिलाड़ी को केवल इसलिए नजरअंदाज नहीं कर सकते क्योंकि वह चयन वाले दिन फिट नहीं है। यदि खिलाड़ी 21 से 28 दिनों के भीतर फिट हो जाता है, तो उसे टीम में शामिल करना तार्किक है।

क्या है टीम का भविष्य? सरल शब्दों में, बीसीसीआई ने उन खिलाड़ियों पर दांव लगाया है जिनके पास मैच शुरू होने से पहले रिकवर होने का पर्याप्त समय है। यह रणनीति लंबी अवधि के नजरिए से तैयार की गई है ताकि टीम इंडिया की मुख्य ताकत (प्रमुख खिलाड़ी) को किसी भी हाल में छोड़ा न जाए।

हालांकि, इन खिलाड़ियों पर फिटनेस की तलवार अब भी लटकी हुई है। यदि सीरीज शुरू होने से ठीक पहले वे अपनी 200% मैच-फिटनेस साबित नहीं कर पाते हैं, तो स्क्वाड में होने के बावजूद उन्हें टीम से बाहर होना पड़ सकता है।

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