स्कूल बन गए नशे के अड्डे? नागपुर के सरकारी स्कूलों पर कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा खुलासा
News Image

नागपुर के सरकारी स्कूलों की बदतर स्थिति ने अब एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने स्कूल ठीक करो कैंपेन के जरिए इन स्कूलों में व्याप्त अव्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। पार्टी का दावा है कि स्कूल परिसर अब शिक्षा का मंदिर न रहकर नशे का अड्डा बनते जा रहे हैं।

परिसर में शराब और ड्रग्स का बोलबाला CJP ने सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा किया है कि सरकारी स्कूलों के अंदर लोग आसानी से शराब और नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा, स्कूल के अंदर शराब की इजाजत है, लेकिन जब कोई इनकी जांच करने जाता है, तो सुरक्षा का हवाला देकर रोका जाता है।

बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव सिर्फ नशा ही नहीं, बल्कि स्कूल की इमारतें भी जर्जर हालत में हैं। रिपोर्ट के अनुसार, स्कूलों में वॉशरूम बेहद गंदे हैं और उपयोग के लायक नहीं हैं। पीने के साफ पानी का अभाव है और असुरक्षित मिड-डे मील बच्चों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है।

अस्त-व्यस्त शिक्षा व्यवस्था क्लासरूम की कमी के कारण अलग-अलग कक्षा के छात्रों को एक साथ बैठने पर मजबूर किया जा रहा है। प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि 7वीं कक्षा के छात्रों को अब तक उनकी 5वीं कक्षा की मार्कशीट तक नहीं मिली है। पार्टी ने तीखे लहजे में सवाल उठाया है कि ऐसे असुरक्षित और अव्यवस्थित माहौल में अभिभावक अपने बच्चों को कैसे भेजें?

क्या है स्कूल ठीक करो कैंपेन? यह पूरा मामला CJP के स्कूल ठीक करो अभियान का हिस्सा है, जिसे पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 15 अगस्त को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले से शुरू किया था। इस कैंपेन का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की कमियों को उजागर कर अधिकारियों को कार्रवाई के लिए मजबूर करना है।

अभियान का असर कैंपेन के दौरान नागरिकों और छात्रों को स्कूल की समस्याओं का वीडियो और फोटो रिकॉर्ड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हालांकि स्थिति गंभीर है, लेकिन कुछ जगहों पर सकारात्मक बदलाव भी दिखे हैं। दीपके के पैतृक गांव के स्कूल में इस कैंपेन के बाद सुधार कार्य शुरू हुआ, जहां अब छात्रों को कंप्यूटर और बैठने के लिए बेंच उपलब्ध कराई गई हैं। अब देखना यह है कि नागपुर प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

साड़ी पहनकर दौड़ीं, पैरों में जूते नहीं, बेटियों के सपनों के लिए मां ने जीती मैराथन

Story 1

नेपाल से बहकर आई रहस्यमयी मछलियां बनीं मुसीबत, बिहार सरकार ने जारी किया अलर्ट

Story 1

राम मंदिर के नए CEO जितेंद्र मिश्रा ने संभाली कमान: कहा- 43 साल की राष्ट्रसेवा के बाद प्रभु का बुलावा

Story 1

काशी का शिवमय स्टेडियम: डमरू और त्रिशूल के रंग में रंगेगा क्रिकेट का महाकुंभ

Story 1

दिशा सालियन मौत मामला: बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, CBI करेगी FIR दर्ज

Story 1

चमारी अटापट्टू का ऐतिहासिक कारनामा: एशिया कप में ली हैट्रिक और झटके 7 विकेट

Story 1

जेलर 2 का इंतज़ार हुआ खत्म: टाइगर मुथुवेल पांडियन की दहाड़ के लिए तैयार रहें सिनेमाघर

Story 1

5-डे बैंकिंग और PLI विवाद: सितंबर में बैंकों में तीन दिन का ताला, क्या आपकी जेब पर पड़ेगा असर?

Story 1

नेपाल में तबाही के बीच भारत बना मसीहा: 5वां विमान पहुंचा, 1200 से अधिक लोगों की मौत

Story 1

SCO समिट की फोटो से PM मोदी को क्रॉप करना पाकिस्तान को पड़ा भारी, मचा जमकर बवाल