भाषा पर छिड़ा संग्राम: क्या केतकी सिंह ने भोजपुरी का अपमान किया? AIMIM नेता का तीखा हमला
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यूपी की राजनीति में अब भाषा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बलिया दौरे के दौरान बीजेपी विधायक केतकी सिंह द्वारा भोजपुरी में दिए गए भाषण ने सोशल मीडिया पर तूल पकड़ लिया है। अब इस मुद्दे पर एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश महासचिव मोहम्मद शमीम खान ने मोर्चा खोल दिया है।

पहले भोजपुरी बोलना सीखिए, फिर बोलिए शमीम खान ने विधायक केतकी सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उन्हें भोजपुरी बोलने में सुविधा नहीं है, तो सार्वजनिक मंच पर इसे बोलने की कोई मजबूरी नहीं थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस लहजे और शब्दों का इस्तेमाल विधायक ने किया, क्या वे अपने घर में भी वैसी ही भाषा का प्रयोग करती हैं? उन्होंने विधायक को नसीहत दी कि पहले भाषा की मर्यादा और शब्दों का सही चुनाव करना सीखें।

बलिया की संस्कृति का अपमान? एआईएमआईएम नेता ने कहा कि बलिया अपनी मिठास और भाईचारे के लिए जाना जाता है। विधायक के भाषण में जिस तरह की शब्दावली इस्तेमाल की गई, उसने बलिया की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बलिया के लोग अपनी भाषा के प्रति बेहद संवेदनशील हैं और किसी को भी अपनी संस्कृति के अपमान की अनुमति नहीं दी जा सकती।

माफी की मांग और राजनीतिक चेतावनी शमीम खान ने मांग की है कि विधायक को बलिया की सम्मानित जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि जनता ने जिसे तख्त पर बैठाया है, उसे उतारने का हक भी उसी जनता के पास है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपनी भाषा पर विशेष संयम बरतना चाहिए।

क्या विवाद और तूल पकड़ेगा? सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह विवाद अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना ने विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा दे दिया है। फिलहाल, विधायक केतकी सिंह की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब देखना यह होगा कि क्या विधायक अपने बयानों पर सफाई देंगी, या यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराएगा।

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