UP Election 2027: सहारनपुर की 7 सीटों का सियासी गणित, क्या फिर खिलेगा कमल या गठबंधन मार ले जाएगा बाजी?
News Image

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछने लगी है। राज्य के महत्वपूर्ण जिलों में शुमार सहारनपुर में सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है। दो लोकसभा क्षेत्रों (सहारनपुर और कैराना) में बंटे इस जिले में हर चुनाव जातीय और धार्मिक समीकरणों की नई कहानी लिखता है। आइए, जानते हैं इस जिले का पूरा सियासी ताना-बाना।

मुस्लिम-दलित वोट का निर्णायक प्रभाव

जनगणना 2011 के अनुसार, सहारनपुर की आबादी करीब 34.66 लाख है। यहां की डेमोग्राफी चुनाव में सबसे बड़ी भूमिका निभाती है। जिले में हिंदू आबादी 57% और मुस्लिम आबादी 43% है। मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी संख्या के कारण जिले की लगभग हर सीट पर इनका प्रभाव निर्णायक होता है। इसके अलावा, 22% अनुसूचित जाति के वोट भी हर पार्टी के लिए प्राथमिकता हैं।

सातों सीटों का लेखा-जोखा

जिले में कुल 7 विधानसभा सीटें हैं: बेहट, नकुड़, सहारनपुर नगर, सहारनपुर देहात, देवबंद, रामपुर मनिहारान (आरक्षित) और गंगोह।

2022 के नतीजे: भाजपा का दबदबा

पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिले की सात में से पांच सीटों पर कब्जा जमाया था। सपा दो सीटों (बेहट और सहारनपुर देहात) तक सिमट गई थी, जबकि बसपा और कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका था।

2024 लोकसभा चुनाव ने बदली तस्वीर?

2024 के लोकसभा चुनाव में सहारनपुर सीट पर कांग्रेस के इमरान मसूद की जीत ने विधानसभा चुनाव के समीकरणों को हिला दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत ने सपा-कांग्रेस गठबंधन का हौसला बढ़ाया है। रामपुर मनिहारान जैसी सीटों पर भाजपा की 2022 वाली बढ़त 2024 में कम होती दिखी, जो आने वाले समय में कड़े मुकाबले का संकेत है।

2027 की तैयारी: पार्टियां किस रणनीति पर उतरीं?

संक्षिप्त में समझें समीकरण

सहारनपुर में किसी एक दल का स्थायी वर्चस्व नहीं रहा है। 2012 से पहले बसपा का प्रभाव था, 2017 और 2022 में भाजपा हावी रही, लेकिन 2024 की दस्तक ने फिर से मुकाबले को त्रिकोणीय और दिलचस्प बना दिया है। क्या 2027 में भाजपा अपनी बादशाहत कायम रखेगी या गठबंधन की चुनौती भारी पड़ेगी? यह आगामी महीनों में स्पष्ट हो जाएगा।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

भारत की उच्च शिक्षा का स्वर्णिम दशक: 70% बढ़े विश्वविद्यालय, विदेशी छात्रों का बढ़ा भरोसा

Story 1

कौशांबी पटाखा ब्लास्ट: मुख्य आरोपी की इमारत जमींदोज, फरार आरोपियों पर इनाम और पुलिस पर गिरी गाज

Story 1

सिर्फ 1 महीने में बदली टीम इंडिया: 8 खिलाड़ियों की छुट्टी, दिग्गजों की धमाकेदार वापसी

Story 1

पेट्रोल की जगह टंकी में पानी: कानपुर के पेट्रोल पंप पर मचा बवाल, प्रशासन ने ठोका ताला

Story 1

भाषा पर छिड़ा संग्राम: क्या केतकी सिंह ने भोजपुरी का अपमान किया? AIMIM नेता का तीखा हमला

Story 1

किंग चार्ल्स से मुलाकात के लिए बाबर आजम का सस्ता मेकओवर, सोशल मीडिया पर जमकर उड़ी खिल्ली

Story 1

आईएएस रिंकू सिंह राही का सनसनीखेज दावा: फील्डिंग पूरी सेट है, बस एक भूल और काम तमाम

Story 1

हम चैन की नींद सो पाते हैं... , ऑपरेशन सफेद सागर देख भावुक हुए सचिन तेंदुलकर

Story 1

मैनपुरी में वर्दी का रौब : मूंछों पर ताव देकर DSP बोले- अखिलेश यादव को भेज देना यह वीडियो

Story 1

नेपाल बाढ़: एक ही घर से मिले 24 शव, बच्ची को सीने से चिपकाए मिली मां की आखिरी सांस