महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची पर अब सियासी बवाल शुरू हो गया है। एनसीपी (शरद पवार गुट) ने राज्य की नई मतदाता सूची को सेलेक्टिव करार देते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
2 करोड़ नामों की कटौती पर उठे सवाल एनसीपी (शरद गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनीश गवांडे ने दावा किया है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 2 करोड़ से अधिक नाम हटा दिए गए हैं। यह राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 20 फीसदी हिस्सा है। गवांडे का आरोप है कि 288 में से 237 विधानसभा सीटों पर हटाए गए नामों की संख्या, वहां के 2024 के जीत के अंतर से भी ज्यादा है, जो चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है।
मुंबई और MMR क्षेत्र निशाने पर? अनीश गवांडे के अनुसार, इस प्रक्रिया का सबसे बुरा असर मुंबई और एमएमआर (MMR) क्षेत्र पर पड़ा है, जहां 76 लाख नाम हटाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 25 फीसदी से अधिक है, वहां 40 से 49 प्रतिशत तक नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं। मुंब्रा-कलवा, भिवंडी ईस्ट और मानखुर्द शिवाजीनगर जैसी सीटों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ये नाम बिना किसी ठोस दस्तावेज के, केवल BLO की रिपोर्ट के आधार पर हटाए गए हैं।
सबूत जुटाने में जुटी एनसीपी पार्टी के प्रवक्ता महबूब शेख ने कहा कि एनसीपी ने अपने सभी बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को सक्रिय कर दिया है। शेख ने बताया, हम अगले 4 से 8 दिनों तक जमीनी स्तर पर जांच करेंगे कि किन लोगों के नाम बिना किसी वाजिब कारण के हटाए गए हैं। सारी जानकारी जुटाने के बाद हम सबूतों के साथ चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रखेंगे।
चुनाव आयोग से जवाब की मांग एनसीपी (SP) ने चुनाव आयोग से मांग की है कि 4 नवंबर को अंतिम सूची जारी करने से पहले, आयोग हर पोलिंग स्टेशन के आधार पर हटाए गए नामों की सूची सार्वजनिक करे। पार्टी ने नाम हटाने के ठोस कारण और संबंधित BLO के विजिट रिकॉर्ड की पारदर्शिता की भी मांग की है।
चुनाव आयोग का क्या है रुख? दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम सूची में नहीं हैं, वे नियमों के तहत अपना दावा और आपत्तियां (Claims and Objections) दर्ज करा सकते हैं। आयोग के अनुसार, ड्राफ्ट सूची जारी होने के एक महीने तक मतदाता नई सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। अब देखना यह है कि क्या यह विवाद केवल सियासी आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहता है या आयोग इन शिकायतों पर कोई ठोस कदम उठाता है।
Mumbai, Maharashtra: NCP (SP) Spokesperson Mehboob Shaikh says, Very few names have appeared in the SIR. The list for SIR came out on the 21st. We have assigned tasks to all our BLAs. Now, those BLAs will work to identify where wrong practices have occurred and where injustice… pic.twitter.com/m93x9tNv29
— IANS (@ians_india) September 2, 2026
चमारी अटापट्टू का ऐतिहासिक कारनामा: 5 रन देकर झटके 7 विकेट, एशिया कप में रचा नया इतिहास
5-डे बैंकिंग और PLI विवाद: सितंबर में बैंकों में तीन दिन का ताला, क्या आपकी जेब पर पड़ेगा असर?
टीम इंडिया के भविष्य के लिए कल होगी अग्निपरीक्षा , BCCI की हाई-लेवल बैठक में इन 5 बड़े मुद्दों पर होगा बड़ा फैसला
SCO समिट की फोटो से PM मोदी को क्रॉप करना पाकिस्तान को पड़ा भारी, मचा जमकर बवाल
43 साल की राष्ट्रसेवा के बाद अब राम सेवा : रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO
नेपाल में मौत का तांडव: 1,127 हुई मृतकों की संख्या, मदद के लिए आगे आए अमेरिका और भारत
साउथ इंडियन डॉक्टर और गोंडा की अवधी: जब मरीज की परेशानी लगी कविता जैसी!
नेपाल, तुम अकेले नहीं हो : बाढ़ पीड़ितों का सहारा बने सोनू सूद, काठमांडू पहुंचकर संभाली कमान
33 की उम्र में क्विंटन डी कॉक का धमाका, गेल और कोहली के एलीट क्लब में मारी एंट्री
पद्मावत विवाद: स्वरा भास्कर का पलटवार, कहा- रेप सर्वाइवर्स को जीने का पूरा अधिकार है