अमेरिकी नाकेबंदी को ईरान का रेलवे जवाब : चीन-पाकिस्तान तक पहुंच रहा तेल
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तेहरान: अमेरिका की 50 दिन पुरानी समुद्री नाकेबंदी के बावजूद ईरान ने तेल और एलपीजी निर्यात का नया और सुरक्षित रास्ता खोज लिया है। समुद्री मार्ग पर अमेरिकी सख्ती को धता बताते हुए ईरान अब रेलवे नेटवर्क के जरिए चीन और पाकिस्तान को तेल की आपूर्ति कर रहा है।

मालगाड़ियों की संख्या में तीन गुना इजाफा ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 13 अप्रैल को अमेरिकी नाकेबंदी शुरू होने के बाद चीन जाने वाली मालगाड़ियों की संख्या में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। रात के अंधेरे में तेल टैंकरों से लदी लंबी ट्रेनें लगातार चीन की सीमाओं की ओर बढ़ रही हैं, जिससे यह साबित होता है कि ईरान ने समुद्री प्रतिबंधों के बीच खुद को ढाल लिया है।

चीन-ईरान कॉरिडोर बना लाइफलाइन ईरान अब मध्य एशियाई देशों के रेल नेटवर्क का इस्तेमाल अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए कर रहा है। मई 2025 में शुरू हुआ 10,400 किलोमीटर लंबा चीन-ईरान रेलवे कॉरिडोर इस रणनीति का मुख्य हिस्सा है। यह मार्ग कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान से होकर गुजरता है।

समय की बचत के लिहाज से यह रूट काफी प्रभावी साबित हो रहा है। समुद्री मार्ग से सामान पहुंचने में जहां एक महीने का वक्त लगता था, वहीं इस रेल मार्ग से यह सफर महज 15 दिनों में पूरा हो जाता है। पहले इस रूट पर हफ्ते में सिर्फ एक ट्रेन चलती थी, जो अब हर तीसरे या चौथे दिन रवाना हो रही है।

समुद्री मार्ग का पूर्ण विकल्प नहीं हालांकि, विशेषज्ञ इस रास्ते को समुद्री निर्यात का पूर्ण विकल्प नहीं मानते। एक मालगाड़ी अधिकतम 60,000 से 70,000 बैरल तेल ही ले जा सकती है, जबकि एक विशाल समुद्री क्रूड कैरियर (VLCC) जहाज 20 लाख बैरल से अधिक तेल ले जाने में सक्षम है।

इसके अलावा, ईरान के तेल क्षेत्र देश के दक्षिणी हिस्से में हैं, जबकि चीन की रिफाइनरियां पूर्वी तट पर स्थित हैं, जिससे रेल के जरिए तेल की ढुलाई लॉजिस्टिक के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण और महंगी है।

सीमित राहत, बड़ी चुनौती रेल मार्ग से होने वाला तेल निर्यात ईरान को अरबों डॉलर का राजस्व तो नहीं दिला सकता, लेकिन यह अमेरिका की दबाव की नीति के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक जीत है। फिलहाल, यह रूट ईरान के लिए संकट काल में एक जीवनरेखा की तरह काम कर रहा है, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी उपस्थिति बनाए रखने में कामयाब है।

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