नक्सलवाद का अंत और विकसित भारत का संकल्प: केवडिया में गरजे पीएम मोदी
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गुजरात के केवडिया में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर देश को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने नक्सलवाद के खात्मे से लेकर गरीबी उन्मूलन तक के सफर पर विस्तार से चर्चा की।

नक्सलवाद की कमर टूट चुकी

प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ घोषणा की कि भारत अब सशस्त्र नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि हिंसा के रास्ते पर चलने वाले लोग अब मुख्यधारा के विकास से जुड़ चुके हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, सशस्त्र नक्सलवाद भले खत्म हो गया हो, लेकिन दिमागी नक्सलवाद का खतरा अभी भी बरकरार है, जिससे देश को सतर्क रहना होगा।

विपक्ष पर कड़ा प्रहार

समारोह के दौरान पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधी दल अब देश के विकास में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपने संवैधानिक कर्तव्यों को भुलाकर मर्यादाओं को तार-तार कर रहा है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि विकास की राह में विपक्ष का विरोध अब अवरोध बन चुका है।

गरीबी के खिलाफ बड़ी जीत

पीएम मोदी ने वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि भारत ने गरीबी के खिलाफ लंबी लड़ाई जीती है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10-12 वर्षों में 50 करोड़ भारतीयों ने गरीबी को मात दी है। पीएम ने कहा, पहले 100 में से 27 लोग घोर गरीबी में थे, अब यह संख्या 3 से भी कम रह गई है। उन्होंने अपनी सरकार की मुफ्त राशन और मुफ्त इलाज जैसी योजनाओं को इस सफलता का आधार बताया।

सरदार पटेल का भावपूर्ण स्मरण

सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके बिना आज के भारत की कल्पना करना नामुमकिन है। उन्होंने 550 से अधिक रियासतों को एक धागे में पिरोने के पटेल के दृढ़ संकल्प को नमन किया। पीएम ने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक गरीबी हटाने के नाम पर केवल वोट मांगे गए, लेकिन उनकी सरकार ने गरीब कल्याण को अपना मुख्य मंत्र बनाया है।

एकता का भव्य प्रदर्शन

इस कार्यक्रम में देश की विविधता और एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। केवडिया में आयोजित परेड में BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB के जवानों ने अपने अनुशासन का परिचय दिया। साथ ही, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा द्वारा प्रस्तुत नक्सल मुक्त भारत नाटक में 2,000 कलाकारों ने हिस्सा लेकर इस बदलाव को मंच पर जीवंत कर दिया। यह दिन भारत के लिए एक सुरक्षित और विकसित भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक बना।

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