IDBI बैंक की बिक्री पर आर-पार की लड़ाई: कनाडा की कंपनी को सौंपने के फैसले के खिलाफ कर्मचारी हड़ताल पर
News Image

बिक्री की तैयारी और विरोध की चिंगारी IDBI बैंक में अपनी अधिकांश हिस्सेदारी कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स (Fairfax) को बेचने के सरकार के फैसले ने बैंकिंग सेक्टर में हलचल मचा दी है। बैंक के कर्मचारी और अधिकारी संगठनों ने इस निजीकरण का कड़ा विरोध किया है। उनका तर्क है कि बैंक की बिक्री की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसकी संसद की निगरानी में दोबारा जांच होनी चाहिए।

क्यों नाराज हैं कर्मचारी? IDBI बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुराव कुमार का कहना है कि बैंक को बेचने की कोई आवश्यकता नहीं है। उनका मानना है कि बैंक की कीमत का सही आकलन नहीं किया गया है। वे विदेशी कंपनी के हाथों बैंक के स्वामित्व के जाने से बैंक की स्वायत्तता और कर्मचारियों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

बैंक का पुराना संकट और सुधार कभी आर्थिक मंदी और भारी NPA (बैड लोन) से जूझ रहा IDBI बैंक मई 2017 में RBI के PCA (Prompt Corrective Action) ढांचे के तहत आया था। 2019 में LIC द्वारा 51% हिस्सेदारी खरीदने और बैंक के प्रबंधन में सुधार के बाद स्थिति बेहतर हुई। मार्च 2021 में RBI ने बैंक से सभी प्रतिबंध हटा दिए थे, जिसके बाद बैंक ने मुनाफा कमाना शुरू कर दिया।

52,878 करोड़ का मेगा डील कैबिनेट ने 14 अक्टूबर को फेयरफैक्स को बैंक की 60.72% हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी दी है। यह सौदा 52,878 करोड़ रुपये का है। सरकार का तर्क है कि स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा बैंक की संपत्तियों और बाजार मूल्य का सटीक मूल्यांकन किया गया है। सरकार का मानना है कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बैंक की वास्तविक कीमत का सही पैमाना नहीं है।

राजनीतिक घमासान: राहुल बनाम सीतारमण इस मुद्दे पर सियासत भी चरम पर है। राहुल गांधी ने कर्मचारियों का समर्थन करते हुए सवाल उठाया है कि मुनाफे में चल रहे बैंक को सरकार क्यों बेचना चाहती है? उन्होंने निजीकरण से नौकरियों और आरक्षण पर पड़ने वाले प्रभाव पर चिंता जताई है। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर अपने कार्यकाल के दौरान पसंदीदा उद्योगपतियों को कर्ज बांटने और बैंक को बर्बाद करने का आरोप लगाया है।

2 और 3 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल सरकार के फैसले के खिलाफ IDBI बैंक के संयुक्त कर्मचारी संगठन ने 2 और 3 नवंबर को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। कर्मचारी इस निजीकरण प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह हड़ताल बैंक की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती है और सरकार पर इस मामले को सुलझाने का दबाव बढ़ गया है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

चमोली हेलीकॉप्टर हादसा: बद्रीनाथ दर्शन को गए 6 दोस्तों का आखिरी सफर, कोई इंस्पेक्टर तो कोई था वकील

Story 1

रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की मेगा रैली: राहुल गांधी के मार्च पर पुलिस का बड़ा बयान

Story 1

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का मॉक महाभियोग : खड़गे-राहुल ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

Story 1

रणबीर कपूर की रामायण को सेंसर बोर्ड से मिली हरी झंडी, 3 घंटे 15 मिनट के रनटाइम ने बढ़ाई उत्सुकता

Story 1

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027: AAP ने फूंका चुनावी बिगुल, 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी

Story 1

मक्का रक्षा समझौते के दरवाजे खुले: क्या ईरान भी होगा शामिल?

Story 1

टीम इंडिया में जगह पक्की करने के लिए वैभव सूर्यवंशी का सीक्रेट प्लान , बॉलिंग कोच ने खोला राज

Story 1

हांगकांग सिक्सेस: क्रुणाल पांड्या की जमकर धुनाई, एक ओवर में लगे 5 छक्के

Story 1

दिल्ली की जूता फैक्ट्री में मातम: भीषण आग में झुलसे 4 लोगों की मौत, 2 जिंदगी की जंग लड़ रहे

Story 1

इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ नाम: मनीषा भानवाला बनीं वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियन