रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने महंगाई पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। करीब 44 महीने के लंबे अंतराल के बाद केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद रेपो रेट 5.25 फीसदी से बढ़कर 5.50 फीसदी हो गया है।
आम आदमी की जेब पर सीधा असर रेपो रेट में इस बढ़ोतरी का सीधा असर आपके बजट पर पड़ेगा। अब बैंकों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाएगा, जिसके चलते होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) में इजाफा होना तय है। बैंक जल्द ही अपनी ब्याज दरों को संशोधित करेंगे, जिससे लोन लेने वालों पर बोझ बढ़ जाएगा।
क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताएं इस फैसले के पीछे की मुख्य वजह हैं। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध ने कच्चे तेल की कीमतों में आग लगा दी है, जिसका असर भारत सहित दुनिया भर की सप्लाई चेन पर पड़ा है। इसके अलावा, अलनीनो (El Nino) की वजह से मानसून पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव ने भी महंगाई को बढ़ावा दिया है।
अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति संजय मल्होत्रा ने कहा कि हालांकि भारतीय अर्थव्यवस्था चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद लचीली बनी हुई है, लेकिन महंगाई चिंता का विषय है। RBI का अनुमान है कि हेडलाइन CPI महंगाई दर आने वाली तीन तिमाहियों में औसतन 5.8 फीसदी रह सकती है।
आगे और बढ़ सकते हैं दाम? RBI के संकेत स्पष्ट हैं; यदि महंगाई का दबाव कम नहीं हुआ, तो आने वाली दिसंबर की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की जा सकती है। बता दें कि इससे पहले लगातार चार बैठकों में RBI ने दरों को स्थिर रखा था, लेकिन अब महंगाई की बढ़ती तपिश ने बैंक को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है।
अन्य दरों में बदलाव रेपो रेट के साथ ही अन्य दरों में भी बदलाव किया गया है। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) दर को अब 5.25 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) और बैंक दर को बढ़ाकर 5.75 प्रतिशत कर दिया गया है।
#WATCH | RBI hikes policy repo rate by 25 basis point to 5.5% pic.twitter.com/92jeQuC3wz
— ANI (@ANI) October 7, 2026
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