उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी तंत्र के दावों की पोल खोल दी है। दोनों पैरों से दिव्यांग बृजभूषण पिछले 12 वर्षों से राशन कार्ड और सरकारी मदद के लिए अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी फरियाद कहीं नहीं सुनी गई।
सड़क पर घिसटकर पहुंचे डीएम दफ्तर भूख और लाचारी से हारकर बृजभूषण ने हिम्मत नहीं हारी। वह अपने हाथों के सहारे सड़क पर घिसटते हुए बांदा के जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। डीएम के सामने पहुंचते ही उनकी आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने हाथ जोड़कर केवल एक ही गुहार लगाई— साहब, मैं भूखा हूं, बस मुझे राशन दिला दीजिए।
9 महीने से पेंशन भी बंद बृजभूषण का दर्द केवल राशन कार्ड तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि जिस सरकारी पेंशन के सहारे उनका गुजारा चलता था, वह भी पिछले नौ महीनों से बंद है। 2014 से लगातार अधिकारियों के पास अपनी फाइल लेकर दौड़ रहे इस दिव्यांग का आरोप है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी उन्हें सरकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिला है।
डीएम की फटकार, अब कार्रवाई का इंतजार दिव्यांग की इस बदहाल स्थिति को देख डीएम ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने पूर्ति विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल जांच कर बृजभूषण का राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। अब सवाल यह है कि क्या यह निर्देश केवल कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएंगे या बृजभूषण को वास्तव में मदद मिल पाएगी।
विपक्ष का सरकार पर तीखा वार इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर सवाल किया कि क्या यही रामराज्य है, जहां एक दिव्यांग व्यक्ति को दो वक्त की रोटी के लिए सड़क पर घिसटना पड़ रहा है?
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी फाइलों में दौड़ने वाले आदेश और जमीनी हकीकत के बीच कितना बड़ा अंतर है। एक तरफ योजनाओं का अंबार है, वहीं दूसरी तरफ बृजभूषण जैसा व्यक्ति आज भी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है।
*12 साल से राशन कार्ड के लिए भटकता एक दिव्यांग जब सड़क पर घिसटते हुए DM के सामने आकर रोते हुए कहे— साहब, भूखा हूँ, बस राशन दिला दीजिए... तो समझ आता है कि हमारा सिस्टम कितना बेदर्द हो चुका है।
— UP Congress (@INCUttarPradesh) October 7, 2026
बांदा की यह तस्वीर किसी का भी कलेजा कंपा देने के लिए काफी है। क्या यही वह रामराज्य है… pic.twitter.com/7gJShgpHiW
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