भोपाल: कोरोना महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर प्रदेश की सेवा करने वाले करीब 4,000 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी एक बार फिर सड़कों पर हैं। रोजगार की मांग को लेकर ये कोरोना योद्धा अब भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
संकट टला तो छीन लिया रोजगार बुधवार को इन योद्धाओं ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से उनके आवास पर मुलाकात की। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि आयुष चिकित्सकों, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और लैब टेक्नीशियन के रूप में उन्होंने दो सालों तक कोविड सेंटर और फीवर क्लीनिक में काम किया। लेकिन 1 अप्रैल 2022 को जैसे ही संक्रमण का खतरा कम हुआ, सरकार ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं।
प्रमाण पत्र नहीं, काम चाहिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदर्शनकारियों की सुध लेते हुए कहा कि सरकार का रवैया संवेदनहीन है। उन्होंने कहा, कोरोना योद्धाओं का सम्मान प्रमाण पत्रों से नहीं बल्कि उन्हें रोजगार देने से होगा। जब प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन की कमी है, तो इन अनुभवी लोगों को काम पर क्यों नहीं रखा जा रहा?
विधानसभा में गूंजेगी आवाज सिंघार ने स्वास्थ्यकर्मियों को आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में जोर-शोर से उठाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि सरकार इन योद्धाओं के साथ सार्थक संवाद करे और उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें सरकारी सेवाओं में समायोजित करे।
पीपीई किट पहनकर याद दिलाया कोरोना दौर प्रदर्शन में शामिल स्वास्थ्यकर्मी पीपीई किट पहनकर पहुंचे थे। उनका कहना है कि यह किट उस कठिन समय का प्रतीक है, जब सरकार को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। अब जबकि महामारी का दौर बीत चुका है, ये योद्धा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं और अपने भविष्य के लिए सरकार की ओर देख रहे हैं।
क्या है अगली राह? 5 अक्टूबर से शुरू हुआ यह अनिश्चितकालीन धरना अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों का स्पष्ट कहना है कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक सरकार उनके अनुभव को प्राथमिकता देते हुए उन्हें फिर से रोजगार नहीं दे देती। अब सबकी नजरें सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
*आज कोरोना योद्धाओं के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर अपनी समस्याएं साझा कीं। मुख्यमंत्री जी से आग्रह है कि कोरोना योद्धाओं से सार्थक संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। क्योंकि ये वही योद्धा हैं, जो कोरोना संकट के दौरान प्रदेश की जनता के लिए ढाल बनकर खड़े थे! संकट के समय अपनी जान की परवाह किए बिना जनता की सेवा करने वाले कोरोना योद्धाओं को सरकार ने एक झटके में बेरोजगारी के अंधेरे में धकेल दिया। @CMMadhyaPradesh @DrMohanYadav51 @rshuklabjp @INCIndia @INCMP #US12999
— Umang Singhar (@UmangSinghar) October 7, 2026
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