पवित्र शहर मक्का पर हूती विद्रोहियों का हमला: सऊदी अरब में हाई अलर्ट, एयर डिफेंस ने नाकाम की साजिश
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सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष एक बेहद खतरनाक और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने अब सीधे तौर पर दुनिया भर के मुसलमानों के सबसे पवित्र शहर मक्का को निशाना बनाया है। मिसाइल और ड्रोन से किए गए इस हमले ने मिडिल ईस्ट में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।

आसमान में ही नाकाम हुई साजिश हूती विद्रोहियों ने मक्का की ओर मिसाइल और घातक ड्रोन दागे थे। हालांकि, सऊदी रॉयल एयर डिफेंस फोर्सेज ने सतर्कता दिखाते हुए इन हमलों को विफल कर दिया। गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने पुष्टि की है कि मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही एक दुश्मन ड्रोन को मार गिराया गया।

पूरे देश में इमरजेंसी का माहौल मक्का पर हुए इस हमले के बाद सऊदी अरब ने पूरे देश में इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया है। सऊदी सिविल डिफेंस ने स्थानीय नागरिकों को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे ऊंची इमारतों से दूर रहें और किसी भी घटना का वीडियो या फोटो बनाने से बचें। मक्का में पहली बार हवाई हमले का अलर्ट जारी होने से वहां के निवासियों और तीर्थयात्रियों में हड़कंप है।

पुराना है मक्का को निशाना बनाने का इतिहास यह पहली बार नहीं है जब हूतियों ने पवित्र शहर को अपना निशाना बनाया है। इससे पहले 27 जुलाई 2017 को भी विद्रोहियों ने मक्का की तरफ एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी, जिसे सऊदी सुरक्षा बलों ने मक्का से करीब 69 किलोमीटर दूर अल-वसिलिया इलाके में हवा में ही नष्ट कर दिया था। गठबंधन ने इस बार की घटना को हूतियों की एक और नाकाम और दुस्साहसी कोशिश बताया है।

यमन में खून-खराबा जारी मक्का पर हमले के साथ ही यमन में जारी गृहयुद्ध भी विनाशकारी हो गया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, इस संघर्ष में करीब 500 लोगों के मारे जाने की खबर है। सितंबर महीने के एक हफ्ते के भीतर ही 43 बच्चों के हताहत होने की दुखद सूचना मिली है। वहीं, होदेदा और ताइज प्रांतों में 1,000 से अधिक हूती लड़ाकों के मारे जाने का दावा भी किया जा रहा है, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्थिरता के लिए बड़ा खतरा मक्का न केवल सऊदी अरब का बल्कि पूरी दुनिया के करोड़ों मुसलमानों की आस्था का केंद्र है। सालाना हज यात्रा के दौरान यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। ऐसे में पवित्र स्थलों को युद्ध का मैदान बनाने की हूती विद्रोहियों की यह हरकत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गई है। सऊदी अरब ने स्थिति पर काबू पाने के लिए अपनी सैन्य चौकसी और बढ़ा दी है।

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