माफिया अतीक अहमद का साम्राज्य भले ही बिखर गया हो, लेकिन उसके समर्थकों का पुराना दबंग तेवर अभी भी बरकरार है। अतीक के बेटे आबान अहमद की मौत के बाद लखनऊ से प्रयागराज तक काफिले में निकली भीड़ ने कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है। इस दौरान टोल प्लाजा पर जमकर तोड़फोड़ और गुंडागर्दी की गई।
टोल प्लाजा पर मचाया उत्पात प्रयागराज पुलिस जब अतीक के बेटे उमर अहमद को लखनऊ जेल से प्रयागराज ला रही थी, तो उसके पीछे लग्जरी गाड़ियों का एक बड़ा काफिला चल रहा था। रास्ते में इस काफिले ने दो टोल प्लाजा पर जमकर हंगामा किया। नवाबगंज और प्रतापगढ़ के हथिगवां में इन समर्थकों ने न केवल बैरियर तोड़े, बल्कि टोल कर्मचारियों को कुचलने का प्रयास भी किया।
दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज नवाबगंज टोल प्लाजा पर 28 से अधिक वाहनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। टोल प्रबंधन का आरोप है कि शुल्क मांगने पर समर्थकों ने कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी और तेजी से गाड़ियां दौड़ाकर उन्हें कुचलने की कोशिश की। वहीं, प्रतापगढ़ के हथिगवां टोल पर भी थार और स्कॉर्पियो सवार लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज किया गया है।
कब्रिस्तान में पुलिस पर दबाव अतीक के छोटे बेटे आबान के अंतिम संस्कार के दौरान कसारी-मसारी कब्रिस्तान में समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। भीड़ इतनी बेकाबू हो गई कि पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी गई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। उमर और अली अहमद की मौजूदगी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।
माफिया परिवार का प्रभाव अब भी कायम? अतीक-अशरफ की हत्या, असद का एनकाउंटर और अब आबान की सड़क हादसे में मौत के बाद भी इस परिवार के प्रति समर्थकों की निष्ठा कम नहीं हुई है। सड़क पर उमड़ी गाड़ियों की लंबी कतार (जिसमें दिल्ली और एमपी तक की नंबर प्लेट वाली गाड़ियां शामिल थीं) इस बात का प्रमाण है कि माफिया के पुराने नेटवर्क और प्रभाव का असर अभी भी खत्म नहीं हुआ है।
अली अहमद की झांसी जेल में वापसी अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज लाए गए अली अहमद को वापस झांसी जेल भेज दिया गया है। रविवार तड़के उसे भारी सुरक्षा दस्ते के साथ जेल दाखिल करा दिया गया। फिलहाल, पुलिस अब उन गाड़ियों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने टोल प्लाजा पर उत्पात मचाया था और कानून को हाथों में लिया था।
*यूपी : प्रयागराज पुलिस ने 27 गाड़ियों पर FIR दर्ज की है। इन गाड़ियों में अतीक अहमद के बेटे उमर के समर्थक थे, जो लखनऊ जेल से उमर के पीछे–पीछे प्रयागराज तक आए। आरोप है कि इन गाड़ियों ने टोल नहीं दिया और बैरियर तोड़कर फरार हो गईं। pic.twitter.com/szWJNZURrt
— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 9, 2026
अतीक के खास अभी भी बेखौफ: टोल प्लाजा पर गुंडागर्दी और बैरियर तोड़कर निकले समर्थक, दर्ज हुआ केस
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