राजस्थान के बारां जिले के मांगरोल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यशैली और मानवीयता के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, मांगरोल पुलिस की टीम रात में गश्त पर थी। इसी दौरान छबड़ा से मऊ की तरफ जा रही एक कार को चेकिंग के लिए रोका गया। कार चालक और उसके परिवार के पास गाड़ी के जरूरी कागजात नहीं थे, जिसके चलते पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए गाड़ी को जब्त कर लिया।
पीड़ित परिवार का दर्द कार में सवार मनीष सुमन ने बताया कि वह अपनी पत्नी और 3 महीने के छोटे बच्चे के साथ मंदिर जा रहे थे। जल्दबाजी में कागजात घर पर ही छूट गए थे। मनीष का आरोप है कि उन्होंने पुलिस से बच्चे का हवाला देकर मिन्नतें कीं, लेकिन पुलिस नहीं पसीजी। उन्होंने दावा किया कि मदद के बजाय पुलिस ने उन्हें धमकाया और गाड़ी को चोरी की बताकर जब्त कर लिया, जिससे परिवार को रात के 3 बजे बीच सड़क पर असहाय छोड़ दिया गया।
पुलिस का अपना तर्क इस मामले पर मांगरोल थाना अधिकारी (SHO) ज्ञानचंद मीणा ने सफाई दी है। उनका कहना है कि कार्रवाई कानूनी दायरे में हुई है। SHO के अनुसार, कार सवार व्यक्ति ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की थी और कोई भी वैध कागज पेश नहीं कर सका। संदेह और मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के तहत ही गाड़ी को सीज किया गया है।
नियम बनाम इंसानियत सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग दो गुटों में बंटे हुए हैं। एक पक्ष का मानना है कि वर्दी का काम सेवा और सुरक्षा है; ऐसे में रात के समय महिला और 3 महीने के बच्चे को सड़क पर छोड़ना असंवेदनशील है। वहीं, दूसरा पक्ष तर्क दे रहा है कि सुरक्षा के लिहाज से पुलिस को नियमों के प्रति सख्त रहना ही चाहिए, ताकि अपराधों पर लगाम लग सके।
आगे क्या होगा? फिलहाल इस मामले की कोई आधिकारिक निष्पक्ष जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। वीडियो और आरोपों को लेकर उठे सवालों के बाद अब सबकी नजरें वरिष्ठ अधिकारियों के रुख पर टिकी हैं। क्या पुलिस ने सुरक्षा के नाम पर मानवीयता की हदें पार कीं, या फिर परिवार ने नियमों के उल्लंघन के बाद पुलिस को बदनाम करने की कोशिश की? यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
*रात के 3 बजे... गोद में 3 महीने का मासूम बच्चा और पुलिस गाड़ी जब्त कर पति-पत्नी को सड़क पर ही छोड़कर चली गई।
— Mandeep RajBhar (@MandeepRajBhar9) August 5, 2026
राजस्थान के बारां में मनीष सुमन अपनी पत्नी और 3 महीने के मासूम बच्चे को देवी दर्शन कराने ले जा रहे थे। रात के 3 बजे पुलिस ने उनकी कार रोक ली। कार नई थी। कागज़ घर पर रह गए… pic.twitter.com/9WIsz1u11i
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