कॉकरोच जनता पार्टी का हुंकार: क्या बोलती पब्लिक अभियान से सरकार को घेरेगी अभिजीत दीपके की टीम
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जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले में सफल आंदोलन के बाद, अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी अगली रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छत्रपति संभाजी नगर में अपने नए राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान क्या बोलती पब्लिक का ऐलान किया है।

शिक्षा और संस्थानों की जवाबदेही प्राथमिकता अभिजीत दीपके ने साफ किया है कि इस अभियान का मुख्य केंद्र शिक्षा होगा। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों की बेलगाम फीस ने आम परिवारों की कमर तोड़ दी है। दीपके ने शिक्षा के साथ-साथ देश की प्रमुख संस्थाओं—चुनाव आयोग, न्यायपालिका और राजनीतिक तंत्र—की गिरती साख और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

सरकार चुन रही है कि वोटर कौन होगा दीपके ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि आज लोकतंत्र का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। उन्होंने आरोप लगाया, पहले जनता सरकार चुनती थी, अब सरकारें खुद तय कर रही हैं कि वोटर कौन होगा। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। उन्होंने न्यायपालिका को लेकर भी तीखा तंज कसा कि आम नागरिक को न्याय के लिए वर्षों इंतजार करना पड़ता है, जबकि प्रभावशाली लोगों के लिए आधी रात को भी अदालतें खुल जाती हैं।

बदलती राजनीति पर प्रहार पार्टी के संस्थापक ने कहा कि लोग सुबह एक पार्टी को वोट देते हैं और शाम तक वह नेता दूसरी पार्टी में होता है। उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे ईडी-सीबीआई का डर दिखाकर राजनीतिक दलों को तोड़ा जा रहा है। दीपके ने चेतावनी दी कि यदि सिस्टम में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले समय में लोकतंत्र का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा।

झारखंड के छात्रों को पूरा समर्थन इस दौरान पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में हुई कथित धांधली पर सरकार को घेरा। उन्होंने घोषणा की है कि CJP का एक प्रतिनिधिमंडल रांची पहुंच चुका है, जो प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ खड़ा होकर उनकी मांगों के लिए लड़ाई लड़ेगा।

अभियान का उद्देश्य: दिशाहीन नहीं, एजेंडा आधारित राजनीति जब सवाल उठा कि आखिर जनता के पास क्या लेकर जाएंगे, तो दीपके ने कहा कि कोई भी संगठन बिना एजेंडे के नहीं चल सकता। जंतर-मंतर के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जनता खुद उनसे चुनाव आयोग और न्यायपालिका जैसे गंभीर मुद्दों पर आवाज उठाने की मांग कर रही थी। क्या बोलती पब्लिक अभियान इसी परामर्श और जन-संवाद का अगला चरण है।

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