नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान देश की युवा पीढ़ी यानी जेन जी (Gen Z) और जेन अल्फा को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने युवाओं के प्रति अपना अटूट विश्वास जताते हुए कहा कि आज की पीढ़ी की शिकायतें बेबुनियाद नहीं हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल जायज कार्यक्रम के दौरान भागवत ने स्वीकार किया कि भारत की शिक्षा व्यवस्था में अभी बहुत कुछ सुधारने की जरूरत है। उन्होंने कहा, जेन जी द्वारा उठाए जा रहे मुद्दे बिना किसी कारण के नहीं हैं। शिक्षा प्रणाली में कमियां हैं और युवा उसी को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं जो कि जायज है।
बदल गया है पीढ़ी का मिजाज संघ प्रमुख ने अपनी पीढ़ी और आज की पीढ़ी के बीच के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, जब हम उनकी उम्र के थे, तो हम बड़ों की बात बिना सवाल किए मान लेते थे, क्योंकि उस समय का माहौल ही वैसा था। लेकिन आज की जेन जी और जेन अल्फा तार्किक जवाब चाहती है। वे हर बात पर सवाल पूछते हैं, जो उनकी जिज्ञासा और जागरूकता का प्रमाण है।
विरोध का लोकतांत्रिक अधिकार प्रदर्शन और विरोध के तरीकों पर टिप्पणी करते हुए भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना आम सहमति तक पहुंचने का एक माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यह नहीं कह रहे कि युवाओं को विरोध नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्होंने जोर दिया कि विरोध भी लोकतांत्रिक तरीकों से होना चाहिए।
संवेदना के साथ सुनी जाए युवाओं की बात युवाओं के सवालों को अक्सर देशविरोधी करार दिए जाने के आरोपों पर भागवत ने संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा, आज की पीढ़ी सबसे ईमानदार पीढ़ी है। हमें उनके प्रति अधिक दया और समझने की भावना रखनी चाहिए। उनकी बातों को सुना जाना चाहिए और उन्हें यह महसूस कराना जरूरी है कि उनकी चिंताएं मायने रखती हैं।
भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं के प्रदर्शन और उनके अधिकारों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। आरएसएस प्रमुख के इस रुख को युवाओं के साथ संवाद स्थापित करने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
VIDEO | Mumbai: While addressing Gen Z and Gen Alpha, RSS chief Mohan Bhagwat says, Talking about Gen Z, the grievances that have emerged recently are not without reason. There is a need to do a lot more in India s education system, and that is why such issues are being raised.… pic.twitter.com/lmqfik8Af0
— Press Trust of India (@PTI_News) August 6, 2026
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