झारखंड छात्र आंदोलन: पप्पू यादव का बड़ा दावा, हेमंत सोरेन ने बनाई समाधान के लिए टीम
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झारखंड में JPSC और JSSC CGL जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आक्रोश थम नहीं रहा है। राज्य के कई हिस्सों में युवा सड़कों पर हैं और अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस बीच, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा है।

पप्पू यादव ने हेमंत सोरेन के प्रयासों का किया समर्थन सांसद पप्पू यादव ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि झारखंड सरकार स्थिति को लेकर गंभीर है। उन्होंने दावा किया, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से वार्ता करने के लिए एक विशेष टीम गठित कर दी है। हमारे अध्यक्ष वहां पहुंच चुके हैं और बातचीत चल रही है। वहां लाठी-गोली की जगह एक परिवार की तरह सौहार्दपूर्ण माहौल में समाधान खोजने की कोशिश हो रही है।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि वार्ता के बावजूद उनका रुख सख्त है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में धांधली करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। हर कीमत पर दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, सांसद ने जोर देते हुए कहा।

बीजेपी का सरकार पर तीखा हमला झारखंड की स्थिति को लेकर बीजेपी पूरी तरह हमलावर है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के प्रति इनका प्रेम केवल राजनीतिक लाभ तक सीमित है। वहीं, बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दोमुंही नीति का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि यदि विपक्षी दल जंतर-मंतर पर इस्तीफा मांग सकते हैं, तो झारखंड में शिक्षा मंत्री से इस्तीफा क्यों नहीं मांगा जा रहा?

आंदोलन को मिल रहा समर्थन छात्रों की इस लड़ाई को समाज के अन्य वर्गों का भी साथ मिल रहा है। बिरसा फिजिकल एकेडमी से जुड़े युवा भी प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। इसके अलावा, भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में छात्रों से मुलाकात की है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से फोन पर बात कर उनका हाल जाना है।

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी फिलहाल, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है। सरकार द्वारा गठित टीम और छात्रों के बीच वार्ता के नतीजे क्या होंगे, इस पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हैं। छात्रों की मांग है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शी जांच हो और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर स्थायी रोक लगे।

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