पूरे यूरोप में पड़ रही भीषण गर्मी और सूखे ने डेन्यूब नदी का जलस्तर ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया है। नदी के सूखने से न केवल जलमार्ग प्रभावित हुए हैं, बल्कि इसकी कीचड़ भरी तलहटी से इतिहास के दशकों पुराने दबे हुए अध्याय भी बाहर आने लगे हैं।
सर्बियाई बंदरगाह प्राहोवो के पास नदी के तल से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान डूबे दर्जनों जर्मन युद्धपोत दिखाई देने लगे हैं। 1944 में सोवियत सेना से बचने के लिए जर्मन कमांडरों ने जानबूझकर इन जहाजों को नदी में डुबो दिया था।
इन मलबों में अभी भी टन भर जिंदा गोला-बारूद और बिना फटे तोप के गोले मौजूद हैं। यह स्थिति स्थानीय मछुआरों और जहाज चलाने वालों के लिए एक गंभीर सुरक्षा खतरा बनी हुई है। फिलहाल डेन्यूब में ऐसे कम से कम 20 मलबे देखे जा सकते हैं।
नदी के सूखने से सिर्फ युद्ध का इतिहास ही नहीं, बल्कि प्रागैतिहासिक युग के प्रमाण भी मिले हैं। उत्तरी बुल्गारिया में रयाहोवो गांव के पास एक प्राचीन मैमथ के अवशेष मिले हैं। विशेषज्ञों ने इनकी पहचान निचले जबड़े, दो दांतों और पसली के रूप में की है।
म्यूजियम के डायरेक्टर निकोले नेनोव के अनुसार, यह खोज विज्ञान की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि यह क्षेत्र कभी दलदली रहा होगा, जहां हजारों साल पहले ये विशालकाय जीव विचरण करते थे।
मैमथ, हाथी के परिवार का एक विलुप्त स्तनधारी जीव था। घने बालों और घुमावदार दांतों वाले ये जीव साइबेरिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बर्फीले इलाकों में रहते थे। जलवायु परिवर्तन और इंसानी शिकार के कारण ये आज से लगभग 4,000 से 10,000 साल पहले पृथ्वी से लुप्त हो गए।
फिलहाल, इन ऐतिहासिक अवशेषों को वैज्ञानिक जांच के लिए वहां से हटाने की तैयारी की जा रही है। नदी का जलस्तर कम होने से लोगों में इन मलबों को देखने की उत्सुकता तो बढ़ी है, लेकिन दलदली और खतरनाक स्थिति के कारण वहां तक पहुँचना अभी भी एक बड़ी चुनौती है।
Water levels on the Danube River, the second longest in Europe, have dropped so low because of drought that the hulks of dozens of World War II German battleships are emerging into view. pic.twitter.com/z2Rqfi4Fpg
— The Associated Press (@AP) August 5, 2026
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