नीट पेपर लीक और शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ जंतर-मंतर से शुरू हुआ विरोध अब एक संगठित ताकत बन चुका है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी दो दिवसीय कोर कमेटी बैठक के बाद पहली नेशनल वर्किंग कमेटी का एलान कर दिया है। 35 वर्ष से कम उम्र के युवाओं से सजी यह टीम संकेत दे रही है कि CJP अब देश में एक मजबूत पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगी।
संगठन के संस्थापक और आंदोलन का चेहरा अभिजीत दीपके को नेशनल कन्वीनर चुना गया है। दीपके का लक्ष्य साफ है—शिक्षा को व्यापार के चंगुल से मुक्त कराकर इसे एक मौलिक अधिकार के रूप में स्थापित करना। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल पद नहीं, बल्कि संगठन की वैचारिक लड़ाई को घर-घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
संगठन ने दो को-कन्वीनर नियुक्त किए हैं। सौरभ दास, जो अपनी तार्किक कार्यशैली और डेटा-आधारित शोध के लिए जाने जाते हैं, नीति निर्धारण और संगठन विस्तार देखेंगे। वहीं, आशुतोष रांका को देशभर के छात्र संगठनों और समाज के साथ समन्वय बनाने की कमान सौंपी गई है। CJP का स्टैंड स्पष्ट है—वे चुनावी राजनीति में नहीं, बल्कि जनता की जवाबदेही तय करने वाले दबाव समूह के रूप में काम करेंगे।
संगठन को मजबूती देने के लिए अजिंक्य शिंदे को ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज, तो कानूनी मोर्चे पर सरकार को चुनौती देने के लिए रत्ना सिंह को लीगल सेल का प्रमुख बनाया गया है। रत्ना का मुख्य काम छात्रों के अधिकारों की रक्षा और शिक्षा घोटालों के खिलाफ कोर्ट में पक्ष रखना होगा।
नई कमेटी ने सितंबर से अपने पहले बड़े अभियान क्या बोलती पब्लिक? की घोषणा कर दी है। इस मिशन के तहत टीम देशभर का दौरा करेगी और सीधे युवाओं से संवाद स्थापित करेगी। पार्टी का दावा है कि यह टीम बिना किसी बाहरी फंड के, पूरी तरह से जन-दबाव के दम पर व्यवस्था में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जानकारों का मानना है कि CJP पारंपरिक राजनीतिक दलों से अलग एक विशेषज्ञ और सक्रिय कार्यकर्ताओं का मिश्रण है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ये युवा चेहरे देश की राजनीति में कितनी बड़ी लकीर खींच पाते हैं।
The Cockroach Janta Party formally announces the names of it’s National Working Committee! pic.twitter.com/zMrXUNxW9U
— Cockroach Janta Party - CJP (@Cockroachisback) August 6, 2026
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