बिहार में AI सीएम की मांग: सम्राट चौधरी के 5 मिनट वाले दावे पर जनता ले रही मजे
News Image

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। सीएम ने दावा किया है कि राज्य में जल्द ही एक एआई (AI) और कंप्यूटर साइंस यूनिवर्सिटी खोली जाएगी, जिसके जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर महज 5 मिनट में बूथ और पंचायत स्तर की समस्याओं का पता लगाया जा सकेगा।

5 मिनट में समस्याओं का निदान ?

सीएम का विजन है कि तकनीक के माध्यम से शासन को बेहतर और त्वरित बनाया जाए। उन्होंने कहा है कि अधिकारियों के लिए 400 बूथों की स्थिति एक साथ समीक्षा करना संभव नहीं है, लेकिन एआई के जरिए यह काम चुटकियों में हो जाएगा। इस प्रस्ताव को राज्यपाल के पास भी भेजा गया है। लेकिन, जैसे ही यह बयान बाहर आया, इंटरनेट पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।

सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हुए सीएम

सरकार के इस डिजिटल विजन को जनता ने कड़े सवालों के घेरे में ले लिया है। यूजर्स का कहना है कि प्रदेश की बुनियादी सुविधाएं—जैसे खराब सड़कें, जर्जर स्कूल और बदहाल अस्पताल—अस्त-व्यस्त हैं, ऐसे में एआई के बड़े दावे मजाक लगते हैं।

एक यूजर गौरव पांडे ने तंज कसते हुए लिखा, अगर एआई से ही शासन चलना है, तो फिर एक एआई सीएम भी होना चाहिए। वहीं, प्रियांशी सिंह नाम की यूजर ने लिखा कि पहले मौजूदा व्यवस्था को सुधारने की जरूरत है, न कि केवल नई यूनिवर्सिटी का ख्वाब दिखाने की।

भाजपा को क्यों नकारा? का सवाल

राजनीतिक गलियारों में भी सम्राट चौधरी के इस बयान के गहरे मायने निकाले जा रहे हैं। समर राज नाम के एक यूजर ने सवाल उठाया कि एआई भले ही जनता का कष्ट बता दे, लेकिन क्या यह बता पाएगा कि पटना के वीआईपी वोटर ने भाजपा को क्यों खारिज कर प्रशांत किशोर को चुना? यूजर्स का कहना है कि सीएम को खुद तकनीक के इस्तेमाल से पहले जमीनी हकीकत पर ध्यान देना चाहिए।

समाधान पर सस्पेंस

ज्यादातर यूजर्स का एक ही सवाल है: क्या डेटा फीड होने के बाद समस्याएं सिर्फ पता चलेंगी या इनका समाधान भी निकलेगा? कई लोगों ने इसे सरकार का नया जुमला करार दिया है। मनीष यादव जैसे यूजर्स ने पुरानी घोषणाओं की याद दिलाते हुए कहा कि पहले फिजिक्स यूनिवर्सिटी का पता नहीं चला और अब एआई यूनिवर्सिटी की बारी है।

फिलहाल, सम्राट चौधरी का यह डिजिटल दांव बिहार की जनता को लुभाने के बजाय सवालों के कटघरे में खड़ा करता नजर आ रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस यूनिवर्सिटी के जरिए वाकई में व्यवस्था बदल पाती है या यह भी केवल एक चुनावी बयान बनकर रह जाएगा।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

संसद की सीढ़ियों पर दिखा लोकतंत्र का अनोखा रंग: कांग्रेस सांसद ने छुए नितिन गडकरी के पैर

Story 1

बारिश में फंसी इंडिगो फ्लाइट: यात्रियों को उतारा कैटल क्लास की तरह, सुरक्षा पर उठे सवाल

Story 1

टिफिन में आलू की सब्जी देख भड़की नन्ही बच्ची, मासूमियत देख टीचर की भी छूटी हंसी

Story 1

भारत के खिलाफ वार्म-अप मैच के लिए श्रीलंका की टीम घोषित: देखिए कौन संभालेगा कमान

Story 1

फुटबॉल मैच के बीच गिरा आसमानी काल , 24 वर्षीय खिलाड़ी की मैदान पर ही मौत

Story 1

गुरुग्राम में आसमानी आफत : झमाझम बारिश से डूबा शहर, करोड़ों के दावों की खुली पोल

Story 1

Redmi Note 17 भारत में लॉन्च: 8000mAh की विशाल बैटरी और दमदार फीचर्स के साथ एंट्री

Story 1

सुपर टाइफून डॉल्फिन का रौद्र रूप: 175 किमी की रफ्तार से जापान की ओर बढ़ा खतरा

Story 1

मोरक्को में संकट बैठक: इन्फेंटिनो ने मांगी माफी, FIFA ने फिर जताया भरोसा

Story 1

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सवालों की बौछार: 20 दिन में 5 बार धंसी सड़क, पंखों से सुखाने पर अखिलेश का तंज