दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए एक छात्र प्रदर्शन के दौरान निगरानी का एक नया रूप सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में दिल्ली पुलिस की ऐसी वैन देखी गई है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर प्रदर्शनकारियों के चेहरों की पहचान कर रही है। इस तकनीक के इस्तेमाल ने प्राइवेसी को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
क्या है वायरल वीडियो का सच? सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में एक निगरानी वैन नजर आ रही है, जिसमें 360-डिग्री कैमरे लगे हैं। वैन के अंदर लगी स्क्रीन पर लोगों के चेहरों और उनकी निजी जानकारियों का मिलान होते देखा जा सकता है। इन वीडियो के सामने आने के बाद प्रदर्शनकारियों और एक्टिविस्ट्स ने जंतर-मंतर को डिजिटल ओपन-एयर जेल करार दिया है।
क्या है इक्षणा (Ikshana) तकनीक? रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने निगरानी के लिए विशेष वैन तैनात की हैं। इनमें इक्षणा (Ikshana) नामक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम लगा है। इस तकनीक का उपयोग पहली बार 2023 के G20 शिखर सम्मेलन के दौरान सुरक्षा के लिए किया गया था। पुलिस का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल उन अपराधियों की पहचान करना है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पहले से डेटाबेस में मौजूद है।
आधार से जुड़ा है क्या? वीडियो में दिख रही तकनीक को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह सिस्टम आधार (Aadhaar) डेटाबेस से जुड़ा है? वायरल दावों में कहा जा रहा है कि चेहरा स्कैन होते ही पुलिस को उस व्यक्ति की निजी जानकारी मिल रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक ऐसी किसी भी लिंकिंग की पुष्टि नहीं की है।
पुलिस के दावों पर उठे सवाल दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का तर्क है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि यदि यह जानकारी आधार से नहीं ली जा रही, तो पुलिस के पास आम नागरिकों का इतना विस्तृत डेटाबेस कहां से आया?
तकनीक की सीमाएं और जोखिम फेशियल रिकग्निशन सिस्टम पूरी तरह अचूक नहीं है। खराब क्वालिटी, कम रोशनी या चेहरे पर मास्क होने की स्थिति में यह तकनीक गलत परिणाम भी दे सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदर्शनकारियों पर इस तरह की निगरानी से लोगों में डर का माहौल बनेगा, जो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के उनके मौलिक अधिकार को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, इस मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है।
🚨 JANTAR MANTAR IS A PROTEST SITE, NOT A DIGITAL OPEN-AIR PRISON! 🛑
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 23, 2026
Delhi Police has stationed Facial Recognition Vans to live-scan peaceful protesters. They are harvesting biometrics and extracting personal data on the spot—and we have three direct questions for the… pic.twitter.com/zCcLg3uxOE
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