केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे देश के युवाओं और जेन-जी (Gen Z) की एक बड़ी जीत करार दिया है। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि यह बदलाव केवल एक चेहरे का हटना नहीं, बल्कि एक दमनकारी व्यवस्था के झुकने का संकेत है।
युवाओं की जिद के आगे झुकी सरकार राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि आज देश के छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों की जीत हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, आज देश ने अपने शिक्षा मंत्री को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि धर्मेंद्र प्रधान देश की गिरती शिक्षा प्रणाली, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सरकारी संवेदनहीनता का चेहरा बन चुके थे।
लड़ाई सिर्फ एक चेहरे से नहीं, सिस्टम से है खेड़ा ने इस इस्तीफे को अंत की शुरुआत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में 21 छात्रों की जान गई। छात्रों को सड़कों पर घसीटा गया, उन पर लाठियां बरसाई गईं और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस ने साफ किया है कि लड़ाई किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि उस भ्रष्ट सिस्टम से है जिसने युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की।
प्रियंका गांधी की भावुक प्रतिक्रिया कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस इस्तीफे का स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह उन छात्रों की जीत है जो डटे रहे और झुके नहीं। उन्होंने कहा, जब मैंने यह खबर सुनी, तो मैं बहुत खुश और भावुक हो गई। यह उस पीढ़ी की जीत है जिसने अपनी आवाज बुलंद रखी।
पेपर लीक पर कांग्रेस का कड़ा रुख पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने तीखे प्रहार करते हुए कहा कि प्रधान का इस्तीफा उस युवा पीढ़ी के संघर्ष की जीत है जो एक अनुचित व्यवस्था से थक चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री ने अपने इस्तीफे में भी पेपर लीक शब्द का इस्तेमाल करने से परहेज किया और उसे केवल अनियमितताएं करार दिया। रमेश ने कहा कि अब प्रधानमंत्री को देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
क्या यह 2026 के बदलाव की दस्तक है? धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शिक्षा जगत में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। 2018 के बाद से किसी मंत्री का विवादों के चलते इस्तीफा देना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। जहाँ विपक्ष इसे लोकतंत्र की जीत मान रहा है, वहीं सोनम वांगचुक जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इसे युवाओं की दृढ़ता का परिणाम बताया है। अब देखना यह होगा कि इस इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार के क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
देश के छात्रों, नौजवानों और बेरोजगारों को आज बहुत-बहुत बधाई और धन्यवाद कि उन्होंने देश के शिक्षा मंत्री को नौकरी से बाहर निकाल दिया।
— Congress (@INCIndia) July 25, 2026
युवाओं ने धर्मेंद्र प्रधान को dismiss कर दिया।
: राज्यसभा सांसद @Pawankhera जी
📍 दिल्ली pic.twitter.com/5pCArxbOaU
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