देशभर में नीट पेपर लीक और अन्य छात्र प्रदर्शनों के बीच महाराष्ट्र के मेडिकल छात्रों के लिए एक सुखद खबर आई है। राज्य सरकार ने MBBS के बाद लागू एक साल की अनिवार्य सोशल सर्विस बॉन्ड व्यवस्था को खत्म करने का बड़ा फैसला लिया है।
क्या था यह बॉन्ड सिस्टम? अब तक, महाराष्ट्र के सरकारी, नगर निगम और कुछ सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों से MBBS करने वाले छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद अनिवार्य रूप से एक साल तक ग्रामीण या सरकारी अस्पतालों में सेवा देनी पड़ती थी। इसे सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी सर्विस कहा जाता था, जिसका उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करना था।
क्यों लिया गया यह फैसला? पिछले कुछ वर्षों में राज्य में मेडिकल कॉलेजों और MBBS सीटों की संख्या में भारी उछाल आया है। हर साल बड़ी संख्या में डॉक्टर तो तैयार हो रहे हैं, लेकिन सरकार के पास सभी को समय पर सरकारी नियुक्ति देने के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा नहीं है। इस कारण, कई छात्रों को पोस्टिंग के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, जिससे उनकी एमडी (MD) या एमएस (MS) जैसी आगे की पढ़ाई और करियर प्रभावित हो रहा था।
किन छात्रों को मिलेगा इसका लाभ? सरकार का यह निर्णय उन सभी छात्रों पर लागू होगा जो सरकारी मेडिकल कॉलेजों, नगर निगम के संस्थानों और सरकार से स्कॉलरशिप पाने वाले निजी मेडिकल कॉलेजों से पढ़ाई कर रहे हैं। अब छात्रों को MBBS के बाद सरकारी सेवा के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और वे अपनी मर्जी से उच्च शिक्षा, रिसर्च या अपने करियर की राह चुन सकेंगे।
पुराने बैच का क्या होगा? सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम भविष्य के लिए लागू है। जिन डॉक्टरों ने पहले ही अपनी बॉन्ड सेवा शुरू कर दी है, उन्हें कार्यकाल पूरा करना होगा। साथ ही, जिन छात्रों ने पहले बॉन्ड से बचने के लिए जुर्माना (Penalty) जमा किया था, उन्हें कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
छात्रों में खुशी की लहर डॉक्टर संगठनों और छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है। लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि बॉन्ड पोस्टिंग में देरी के कारण छात्रों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है। सरकार के इस कदम से न केवल छात्रों के करियर की राह आसान होगी, बल्कि वे अपनी पीजी परीक्षाओं की तैयारी पर बेहतर ध्यान दे पाएंगे।
𝗕𝗶𝗴 𝗿𝗲𝗹𝗶𝗲𝗳 𝗳𝗼𝗿 𝗠𝗕𝗕𝗦 𝘀𝘁𝘂𝗱𝗲𝗻𝘁𝘀 𝗶𝗻 𝗠𝗮𝗵𝗮𝗿𝗮𝘀𝗵𝘁𝗿𝗮!
— DrSaranshVerma (@DrSaranshverma) July 23, 2026
The Maharashtra Government has removed the mandatory one-year social service bond after MBBS for new candidates.
✅ No new bond postings after this Government Resolution.
✅ Candidates already… pic.twitter.com/wT3HXIW227
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