नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे युवाओं की शक्ति और लोकतंत्र की जीत करार दिया है।
इस्तीफा सिर्फ शुरुआत है, अभी और लड़ाई बाकी है अभिजीत दिपके ने कहा कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, यह धारणा गलत साबित हुई है। उन्होंने कहा, झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। अगर हम डरें नहीं और झुकें नहीं, तो किसी का भी इस्तीफा लिया जा सकता है। उनके अनुसार, यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, बल्कि यह तो केवल शुरुआत है।
पीड़ित परिवारों के लिए 1 करोड़ का मुआवजा दिपके ने सरकार के सामने अब दो नई मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने इस पूरे मामले से दुखी होकर आत्महत्या की है, उनके परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ितों के लिए वे अंतिम समय तक लड़ेंगे और न्याय दिलाकर रहेंगे।
जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर हो कार्रवाई सीजेपी प्रमुख ने पुलिस प्रशासन को भी घेरे में लिया है। उन्होंने 20 तारीख की कथित पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने डीसीपी संदीप लांबा, एसीपी अजय शर्मा और सचिन शर्मा का नाम लेते हुए कहा कि अगर एक मंत्री का इस्तीफा लिया जा सकता है, तो इन अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
सरकार को लाइन में रखने के लिए आवाज जरूरी अभिजीत दिपके ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी आवाज उठाना बंद न करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक जनता जागरूक रहेगी और सवाल पूछेगी, तभी ये लोग (सरकार) लाइन में रहेंगे। उन्होंने गंदी राजनीति छोड़कर संविधान और युवाओं के हितों के लिए एकजुट होने की अपील की।
क्या था धर्मेंद्र प्रधान का रुख? गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार भी कर लिया है। प्रधान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया ताकि राष्ट्र विरोधी ताकतें पेपर लीक के मुद्दे को हवा न दे सकें और जनमानस में भ्रम न फैलाएं। हालांकि, विपक्ष और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह दबाव का ही नतीजा है।
This is democracy. He has resigned. We have two more demands. We won t go like this.
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 25, 2026
Dharmendra Pradhan has resigned. But the families of the children who committed suicide should receive compensation of one crore rupees. They should get it.
One crore rupees compensation to all… pic.twitter.com/CyhfGDUola
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