भारत सरकार ने ट्विटर (अब X) के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी के नए मैसेजिंग ऐप Bitchat पर सख्त रुख अपनाते हुए इसके गिटहब (GitHub) रिपॉजिटरी को हटाने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) विरोध प्रदर्शनों के बीच की गई है।
सरकार का कड़ा आदेश जैक डॉर्सी ने खुद गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) का नोटिस सोशल मीडिया पर साझा किया है। सरकार ने गिटहब को निर्देश दिया है कि वह Bitchat से जुड़ी तीन रिपॉजिटरीज, जिसमें इसका मुख्य प्रोजेक्ट और एंड्रॉइड वर्जन भी शामिल है, को तीन घंटे के भीतर हटा दे।
सरकार ने इसके लिए आईटी एक्ट, 2000 की धारा 79(3)(b) और आईटी रूल्स 2021 के प्रावधानों का हवाला दिया है।
चिंता की वजह: ब्लूटूथ मेश नेटवर्क सरकार की चिंता का मुख्य कारण Bitchat की तकनीक है। यह ऐप ब्लूटूथ मेश नेटवर्क पर काम करता है, जो बिना इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क या किसी सेंट्रल सर्वर के मैसेज भेजने की सुविधा देता है।
अधिकारियों का मानना है कि ऐसी तकनीक कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चुनौती देती है। इंटरनेट बंद होने के दौरान ऐसे ऐप्स का उपयोग गलत सूचनाएं फैलाने या हिंसक प्रदर्शनों को संगठित करने के लिए किया जा सकता है, जिसे ट्रैक करना जांच एजेंसियों के लिए लगभग असंभव है।
क्या है Bitchat की खासियत? जैक डॉर्सी द्वारा हाल ही में लॉन्च किया गया यह ओपन-सोर्स ऐप ब्लूटूथ लो एनर्जी (BLE) का उपयोग करता है। इसमें अकाउंट बनाने या मोबाइल नंबर की जरूरत नहीं होती।
इसके जरिए आसपास के स्मार्टफोन एक-दूसरे से जुड़कर मैसेज को आगे बढ़ाते हैं (मेश नेटवर्क)। जितने ज्यादा यूजर इस नेटवर्क का हिस्सा होंगे, मैसेज उतनी ही अधिक दूरी तक बिना इंटरनेट के पहुंच सकेंगे।
जांच के घेरे में प्रदर्शनकारी दिल्ली में जारी CJP प्रदर्शन के दौरान कई इलाकों में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटरनेट बंद होने के बाद प्रदर्शनकारी संचार के लिए ऐसे ही ब्लूटूथ आधारित ऐप्स का सहारा ले रहे थे।
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट रूप से यह पुष्टि नहीं की है कि प्रदर्शनकारियों ने Bitchat का उपयोग किया था या नहीं, लेकिन एजेंसियां फिलहाल ऐप के डिजिटल फुटप्रिंट्स और अन्य सबूतों की गहन जांच कर रही हैं।
the government of india does not like technologies like bitchat and wants it taken down pic.twitter.com/gjzMg1NGCi
— jack (@jack) July 24, 2026
शेल कंपनियों का जाल और चीनी कनेक्शन: UP STF ने नोएडा में किया अंतरराष्ट्रीय हवाला रैकेट का भंडाफोड़
गुजरात में बेहाल बाढ़ का असली विलेन कौन? PDO ने बिगाड़ा भारत के मॉनसून का गणित
पुलिस वैन के आगे डटी रिया अहीर: बेबस नागरिक कहलाने से बेहतर है शहीद हो जाना
CJP बनाम सरकार: आज आर-पार की वार्ता, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी कॉकरोच जनता पार्टी
अब भाजपाई कहने से लोग चिढ़ रहे हैं... नीट पेपर लीक पर अखिलेश यादव का बीजेपी पर बड़ा हमला
कड़क माल है गाइज... आंसू गैस के धुएं में कूदकर बिहारी युवक ने दी ऐसी रिव्यू , वीडियो हुआ वायरल
नीट विवाद: सरकार और सीजेपी के बीच अहम बैठक, कल फिर होगी आर-पार की बात
नीट पेपर लीक: घायल छात्र को साथ लेकर राहुल गांधी का बड़ा हमला, धर्मेंद्र प्रधान को बताया अपराधी शिक्षामंत्री
चाचा का मिशन 2027: अब्बास अंसारी का दावा, बोले- योगी को मंदिर तक पहुंचाएंगे ओपी राजभर
बलूचिस्तान में खूनी खेल की तैयारी: जनरल असीम मुनीर की नई धमकी, क्या फिर फटेगा बारूद?