नीट पेपर लीक: घायल छात्र को साथ लेकर राहुल गांधी का बड़ा हमला, धर्मेंद्र प्रधान को बताया अपराधी शिक्षामंत्री
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नीट (NEET) पेपर लीक मामले ने देश की राजनीति में उबाल ला दिया है। सड़क से लेकर संसद तक विपक्ष हमलावर है। शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पैलेट गन से घायल एक छात्र को मीडिया के सामने पेश कर सरकार की पोल खोल दी।

पैलेट गन के घाव और राहुल का वार राहुल गांधी ने एक ऐसे छात्र को साथ लेकर प्रेस वार्ता की, जिसने पैलेट गन की चोट से अपनी एक आंख गंवा दी है। राहुल ने छात्र के हाथ के घाव दिखाते हुए कहा कि सरकार झूठ बोल रही है कि पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, जबकि इस छात्र की हालत खुद गवाही दे रही है। राहुल ने सीधे तौर पर कहा कि आज हमारा शिक्षा तंत्र पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है और इसके जिम्मेदार धर्मेंद्र प्रधान हैं।

धर्मेंद्र प्रधान को देना होगा इस्तीफा राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें अपराधी शिक्षामंत्री करार दिया। राहुल ने दो टूक शब्दों में कहा, धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा। उनकी वजह से ही हजारों छात्र सड़क पर हैं और उनका भविष्य अंधकारमय है। वे इस ध्वस्त शिक्षा तंत्र का चेहरा हैं।

सरकार और CJP के बीच सुलह की कोशिश इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में डेढ़ घंटे तक उच्च स्तरीय बैठक हुई। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभी भी गतिरोध बरकरार है।

बैठक में सरकार की ओर से जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए। CJP ने तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं:

  1. धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा।
  2. छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस हों और सरकार माफी मांगे।
  3. पीड़ित परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा।

सरकार ने मांगा मोहलत का समय CJP के प्रवक्ताओं ने बताया कि सरकार ने मुआवजे और मुकदमों को वापस लेने की मांग पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार ने सोचने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है।

जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना जारी सरकार की मोहलत के बावजूद CJP ने अपना रुख साफ रखा है। पार्टी के फाउंडिंग प्रेसिडेंट अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान पद नहीं छोड़ते, जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उधर, सरकार अपने मंत्री को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है।

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