सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में 26 दिनों तक चला अपना अनशन गुरुवार देर रात समाप्त कर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से बातचीत और सरकारी आश्वासन के बाद उन्होंने जूस पीकर उपवास तोड़ा। वांगचुक ने स्पष्ट किया कि वह हिंसा नहीं चाहते थे और अब बातचीत का नया दौर शुरू होगा।
आंदोलन के समर्थकों में दो राय वांगचुक के इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक वर्ग इसे संवाद की जीत मान रहा है। समर्थकों का तर्क है कि लंबी लड़ाई के लिए वांगचुक का स्वस्थ रहना जरूरी है। वहीं, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने निराशा जताई है। आलोचकों का मानना है कि ठोस लिखित आश्वासन मिलने से पहले अनशन तोड़ना आंदोलन को कमजोर कर सकता है।
अपूर्वानंद की तीखी टिप्पणी दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने वांगचुक के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, आपने जूस लेने के लिए उन्हीं लोगों को चुना जिनके हाथों पर छात्रों का खून है। इस बयान ने आंदोलन और सरकार के बीच की दूरी पर एक नई बहस छेड़ दी है।
पत्नी गीतांजलि का राहुल गांधी पर निशाना इस बीच, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो का एक बयान चर्चा का केंद्र बन गया है। उन्होंने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन को ईमानदारी से परे बताया। गीतांजलि ने कहा कि अगर राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के साथ थे, तो उन्हें जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों के बीच आना चाहिए था।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप गीतांजलि के इस बयान ने कांग्रेस समर्थकों को नाराज कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी लगातार सरकार को घेर रहे हैं और उनका प्रदर्शन उसी रणनीति का हिस्सा है। वहीं, गीतांजलि के समर्थकों का कहना है कि विपक्ष को प्रतीकात्मक राजनीति छोड़कर जमीन पर आकर साथ खड़ा होना चाहिए।
आगे की राह क्या? वांगचुक ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अब सबकी निगाहें सरकारी प्रतिनिधियों और CJP के बीच होने वाली प्रस्तावित बातचीत पर टिकी हैं। यदि यह वार्ता ठोस नजीतों तक नहीं पहुंचती है, तो देश में फिर से तनाव और आंदोलन के तेज होने की आशंका बनी हुई है। फिलहाल, वांगचुक डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
END OF HUNGER... BEGINNING OF ACCOUNTABILITY...!
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 24, 2026
Sonam Wangchuk ends his fast after 26 days upon getting assurance from the government and members of parliament of all political parties that the issue of accountability in the failing examination system will be discussed on the… pic.twitter.com/0C9YX5VlsL
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