नई दिल्ली: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई टिप्पणी ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था।
क्या है पूरा विवाद? बुधवार को वकील नरेंद्र मिश्रा ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का मामला कोर्ट के सामने रखा था। इस दौरान सीजेआई ने सख्त लहजे में कहा था, अपना समय बर्बाद मत कीजिए और हमारा समय भी बर्बाद मत कीजिए। यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गई और इसे कोर्ट द्वारा सुनवाई से इनकार के तौर पर पेश किया गया।
सीजेआई की दो-टूक शुक्रवार को मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए सीजेआई ने मीडिया की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मीडिया ने मामले को गलत तरीके से पेश किया है। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि बुधवार को अदालत के सामने कोई विधिवत याचिका (Plea) दाखिल ही नहीं की गई थी, केवल एक रिप्रेजेंटेशन का जिक्र किया गया था।
बिना तथ्यों के रिपोर्टिंग गलत सीजेआई ने कहा कि उन्होंने रजिस्ट्री से जानकारी ली, जिससे पुष्टि हुई कि इस मामले में कोई दस्तावेज दाखिल नहीं किया गया था। उन्होंने साफ कहा कि जब कोई याचिका ही दायर नहीं हुई थी, तो उसे सूचीबद्ध करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने मीडिया रिपोर्टिंग को लापरवाह करार देते हुए कहा कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना भ्रम फैलाया गया।
क्या हुआ था प्रदर्शन के दौरान? बीते 20 जुलाई को नीट परीक्षा में कथित धांधली और एनटीए में सुधार की मांग को लेकर CJP के बैनर तले छात्रों ने संसद मार्च निकाला था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई थी। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर छात्रों को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई और लाठीचार्ज करना पड़ा।
दोनों पक्षों के अपने दावे प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बर्बरता की। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल कुछ उपद्रवियों ने पथराव किया, जिसमें पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। इस घटना के बाद से विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। मामले पर अब आगे कानूनी प्रक्रिया क्या रुख लेती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
STORY | Media reports reckless , no plea related to CJP protests filed: CJI
— Press Trust of India (@PTI_News) July 24, 2026
Chief Justice of India Surya Kant on Friday dismissed as reckless” media reports that he had denied urgent hearing on a plea challenging the July 20 police action against students, saying it was only a… pic.twitter.com/MfPYjZBF36
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