जैक डॉर्सी के Bitchat पर सरकार की गाज: क्या इंटरनेट बैन के दौर में यह ऐप बना नई चुनौती?
News Image

ट्विटर (अब X) के को-फाउंडर जैक डॉर्सी के नए मैसेजिंग ऐप Bitchat को भारत में बड़ा झटका लगा है। भारत सरकार ने इसके GitHub रिपॉजिटरी को हटाने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई दिल्ली में जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों के बीच की गई है।

सरकार का कड़ा आदेश जैक डॉर्सी ने खुद सोशल मीडिया पर गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) का नोटिस साझा किया है। इसमें GitHub को निर्देश दिया गया है कि वे Bitchat से जुड़े तीन प्रमुख रिपॉजिटरीज को 3 घंटे के भीतर हटा दें या उन्हें ब्लॉक कर दें।

सरकार ने इसके लिए आईटी एक्ट, 2000 की धारा 79(3)(b) और आईटी नियमों के तहत प्राप्त शक्तियों का हवाला दिया है।

Bluetooth तकनीक से बढ़ा खतरा? सरकार की चिंता का मुख्य कारण Bitchat की तकनीक है। यह ऐप Bluetooth Mesh Network पर आधारित है। इसका मतलब है कि इसे काम करने के लिए इंटरनेट, किसी मोबाइल टावर या सेंट्रल सर्वर की जरूरत नहीं पड़ती।

अधिकारियों का मानना है कि ऐसी तकनीक कानून प्रवर्तन एजेंसियों की पहुंच से बाहर है। इंटरनेट बंद होने के दौरान प्रदर्शनकारी इसका उपयोग कर हिंसक गतिविधियों या गलत सूचनाएं फैलाने के लिए समन्वय कर सकते हैं, जिसे ट्रेस करना लगभग नामुमकिन है।

क्या है Bitchat की खासियत? जैक डॉर्सी ने हाल ही में इस ओपन-सोर्स ऐप को लॉन्च किया था। यह Bluetooth Low Energy (BLE) का उपयोग कर आसपास के स्मार्टफोन्स का एक जाल बुनता है। जैसे-जैसे यूजर जुड़ते हैं, मैसेज एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस तक बिना किसी टेलीकॉम नेटवर्क के सफर करते हैं।

इस ऐप में न तो किसी मोबाइल नंबर की जरूरत होती है और न ही साइन-अप की। यही गुमनामी (anonymity) सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है।

जांच के घेरे में प्रदर्शनकारी दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई इलाकों में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि प्रदर्शनकारियों ने आपस में संपर्क बनाए रखने के लिए किन तकनीकी साधनों का सहारा लिया।

फिलहाल, सरकार का स्पष्ट रुख है कि ऐसी तकनीकें जो कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं, उन्हें नियंत्रित करना आवश्यक है। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ यह बैन कितना प्रभावी साबित होता है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

जवाबदेही की नई शुरुआत: 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, सरकार ने दिए अहम आश्वासन

Story 1

क्या दूसरे टी20 में बदलेगी टीम इंडिया की प्लेइंग-11? इन खिलाड़ियों पर टिकी हैं निगाहें

Story 1

8वां वेतन आयोग: दिल्ली में महाबैठक का ऐलान, कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत

Story 1

सोनम वांगचुक का अनशन खत्म, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी ने जारी रखी जंग!

Story 1

ईरान पर अमेरिका का जोरदार प्रहार: लगातार 13वीं रात दहल उठा होर्मुज, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया संकट

Story 1

महाराष्ट्र में कुदरत का कहर: गोदावरी उफान पर, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

Story 1

उन्हें मैनेज करना जरूरी है : 2027 वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा को लेकर एबी डिविलियर्स की भविष्यवाणी

Story 1

26 दिन का संघर्ष खत्म: लिखित आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन

Story 1

विवादों में शिक्षा मंत्रालय: नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति पर मचा सियासी घमासान, 1.16 करोड़ की सब्सिडी का क्या है कनेक्शन?

Story 1

नीट पेपर लीक: न दफ्तर, न जंतर-मंतर; कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आज सरकार और CJP की आर-पार की बातचीत