8वां वेतन आयोग: दिल्ली में महाबैठक का ऐलान, कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत
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देशभर के लगभग 1.19 करोड़ सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने ठंडे बस्ते में चल रही अपनी बैठकों को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। दिल्ली में होने वाली इन महत्वपूर्ण चर्चाओं के साथ ही लंबे समय से चल रही अनिश्चितता समाप्त हो गई है।

7 और 10 अगस्त को निर्णायक दौर

आयोग द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, 7 और 10 अगस्त को नई दिल्ली में विभिन्न कर्मचारी संघों, यूनियनों और महासंघों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में वेतन बढ़ोतरी, भत्तों और पेंशन से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह सरकारी कर्मचारियों के लिए अपनी मांगों को सीधे आयोग के समक्ष रखने का सुनहरा अवसर है।

31 जुलाई तक आवेदन अनिवार्य

आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल वही संगठन इन बैठकों में शामिल हो सकेंगे जिन्होंने पहले अपना मेमोरेंडम जमा किया है, लेकिन उनकी बातचीत अभी अधूरी है। ऐसे संगठनों को 31 जुलाई तक ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपनी ‘मेमो आईडी’ के साथ अपॉइंटमेंट बुक करना अनिवार्य है। इसके बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार करना आयोग के लिए सीमित हो सकता है।

संशय के बादल छंटे

पिछले कुछ समय से आयोग की गतिविधियों में सुस्ती के कारण कर्मचारियों में भारी चिंता थी। आयोग की चेयरपर्सन जस्टिस रंजना देसाई के अन्य महत्वपूर्ण दायित्वों में व्यस्त होने के चलते अटकलें लगाई जा रही थीं कि कहीं वेतन आयोग की प्रक्रिया धीमी न पड़ जाए। अब नए शेड्यूल ने इन सभी आशंकाओं पर विराम लगा दिया है।

कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत

ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कर्मचारियों को लंबे समय से अपडेट का इंतजार था। उन्होंने आयोग से आग्रह किया है कि रिपोर्ट जल्द से जल्द सरकार को सौंपी जाए ताकि कर्मचारियों को समय पर सातवें वेतन आयोग के बाद की सुविधाओं का लाभ मिल सके।

दिल्ली के बाद अन्य राज्यों में भी बैठकें

आयोग की योजना केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। आने वाले दिनों में देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी इसी तरह के सत्र आयोजित किए जाएंगे। दिल्ली से बाहर के संगठनों को उनके नजदीकी क्षेत्रों में बैठक का विकल्प दिया जाएगा। आयोग का उद्देश्य सभी पक्षों से इनपुट लेकर एक समावेशी और प्रभावी वेतन संरचना तैयार करना है।

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