शेल कंपनियों का जाल और चीनी कनेक्शन: UP STF ने नोएडा में किया अंतरराष्ट्रीय हवाला रैकेट का भंडाफोड़
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उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भारत में रह रहे एक चीनी नागरिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह शेल कंपनियां बनाकर करोड़ों के हवाला कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम दे रहा था।

नोएडा से हुई गिरफ्तारी STF ने 22 जुलाई की रात नोएडा के सेक्टर-93 स्थित पूर्वांचल सिल्वर सिटी से चीनी नागरिक लियाओ लोंगहुई (Liao Longhui) को दबोचा। उसके साथ गिरफ्तार किए गए अन्य दो सहयोगियों की पहचान गाजियाबाद के संजीव कुमार और अयोध्या के कोशलेंद्र यादव के रूप में हुई है।

अवैध रूप से भारत में रह रहा था मुख्य आरोपी जांच में खुलासा हुआ कि चीनी नागरिक लियाओ साल 2018 में भारत आया था। उसका वीजा 2020 में ही समाप्त हो गया था, लेकिन वह पहचान छिपाकर और फर्जी दस्तावेजों के सहारे अवैध रूप से भारत में रह रहा था।

शेल कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग आरोपी ने अपने भारतीय साथियों के साथ मिलकर कई शेल (फर्जी) कंपनियां खड़ी की थीं। इनमें JNS Infra Heights, Refan Enterprises, और Titydesk Essential जैसी दर्जनों कंपनियां शामिल हैं। STF के अनुसार, ये लोग चीन से सामान आयात कर उसे दिल्ली के बाजारों में खपाते थे और अंडर इनवॉयसिंग के जरिए मोटी रकम हवाला के माध्यम से चीन भेजते थे।

स्टाम्प, चेकबुक और करोड़ों के लेनदेन का सुराग छापेमारी के दौरान STF को मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री मिली है। इसमें 5 लैपटॉप, 9 मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड, दो चीनी पासपोर्ट, विभिन्न कंपनियों की 10 मुहरें, 11 चेकबुक और कंपनियों के महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसके अलावा, करीब 4.72 करोड़ रुपये मूल्य के विभिन्न बैंकों के चेक भी जब्त किए गए हैं।

पहले से दर्ज है मुकदमा गिरोह का मुख्य केंद्र रही YTL Manufacturing Pvt. Ltd. कंपनी पहले से ही जांच के घेरे में है। वर्ष 2022 में नोएडा के सेक्टर-77 थाने में इस कंपनी के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पैन (PAN) और जीएसटी (GST) हासिल करने का मामला दर्ज किया जा चुका है।

कानूनी शिकंजा STF ने गौतमबुद्ध नगर के फेस-2 थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और फॉरेनर्स एक्ट (विदेशी अधिनियम) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल, STF गिरफ्तार आरोपियों के डिजिटल उपकरणों और बैंक खातों की विस्तृत पड़ताल कर रही है ताकि इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

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