जंतर-मंतर से संसद तक गूंजी छात्रों की आवाज नीट पेपर लीक मामले ने पूरे देश में सियासी पारा चढ़ा दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा शुरू किया गया विरोध प्रदर्शन अब एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन चुका है। 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर उमड़ा जनसैलाब इसका प्रमाण था। प्रदर्शनकारियों पर हुई लाठीचार्ज और आंसू गैस की कार्रवाई के बावजूद छात्रों के हौसले पस्त नहीं हुए, जिससे सरकार पर भारी दबाव बन गया।
पीएम मोदी का मास्टर प्लान विपक्ष के तीखे हमलों और छात्रों के गुस्से को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोर्चा संभाला। पीएम ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान किया है। पीएम ने ट्वीट कर कहा, युवाओं का भविष्य हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रातों-रात तैयार हुआ ड्राफ्ट पीएम के निर्देश के बाद सरकारी तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया। दिल्ली हाई कोर्ट ने पेपर लीक मामलों के निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पीएम मोदी के अनुसार, संबंधित सरकारी विभागों ने इस ड्राफ्ट को तैयार करने के लिए पूरी रात काम किया है। कैबिनेट की आगामी बैठक में पेपर लीक के खिलाफ और भी कड़े कानून लाने के संकेत दिए गए हैं।
उच्च-स्तरीय बैठकों का दौर बढ़ते प्रदर्शन को थामने के लिए गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और पीएमओ राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने चार घंटे तक मैराथन बैठक की। इस दौरान सरकार ने आंदोलनकारियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने का निर्णय लिया है। सरकार के आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत शुक्रवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार और CJP के बीच अहम वार्ता हुई। जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका से मुलाकात की। सीजेपी की तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सरकार ने सहमति के संकेत दिए हैं, हालांकि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का मुद्दा अभी भी टकराव का केंद्र बना हुआ है। सरकार ने इस पर अंतिम निर्णय के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है।
आम जनजीवन पर असर विरोध प्रदर्शन के चलते पिछले एक हफ्ते से दिल्ली का सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा है। 17 मेट्रो स्टेशनों के बंद होने और भारी ट्रैफिक जाम के कारण आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। सरकार अब जल्द से जल्द इस गतिरोध को खत्म कर स्थिति सामान्य करने की कोशिश में है।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
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