भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह मुश्किल दौर से गुजर रही है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार मिली हार के बाद टीम के भीतर कथित मनमुटाव की खबरें सुर्खियों में हैं। अब पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने टीम इंडिया की कार्यशैली और कोच गौतम गंभीर के रवैये पर कड़े सवाल उठाए हैं।
कप्तान के काम में दखलअंदाजी बंद करें गंभीर मनोज तिवारी का मानना है कि भारतीय टीम को बेहतर परिणाम के लिए कप्तान को पूरी आजादी देनी होगी। उन्होंने कहा, जब भी कप्तान को पावर दी गई, परिणाम सकारात्मक रहे हैं। चाहे वो सुनील गावस्कर हों, कपिल देव, धोनी हों या रोहित शर्मा। बतौर कोच गौतम गंभीर को सहयोग करना चाहिए, न कि कप्तान की योजना में दखल देना चाहिए।
2027 वर्ल्ड कप के लिए चेतावनी तिवारी ने आगामी 2027 वर्ल्ड कप को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करना है, तो ड्रेसिंग रूम के अंदर पनप रहे मतभेदों को जल्द खत्म करना होगा। प्लेइंग इलेवन का सही कॉम्बिनेशन बनाना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, जो अभी गड़बड़ दिख रहा है।
युवा कप्तानों को स्पेस देने की वकालत शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर जैसे युवा कप्तानों का बचाव करते हुए तिवारी ने कहा कि उन्हें फैसले लेने की आजादी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, शुभमन और श्रेयस ने आईपीएल में खुद को साबित किया है। उन्हें गलतियां करने दें, क्योंकि तभी वे सीखेंगे। अगर आप ड्रिंक्स ब्रेक पर जाकर अपने फैसले उन पर थोपेंगे, तो एक युवा कप्तान कभी विकसित नहीं हो पाएगा।
यह तानाशाही है गौतम गंभीर पर सीधा हमला करते हुए मनोज तिवारी ने उन्हें तानाशाह तक कह डाला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, जब आप हर फैसले में हस्तक्षेप करते हैं, तो यह तानाशाही है। इसकी जरूरत नहीं है। खिलाड़ियों को ग्रो करने के लिए अपना स्पेस देना जरूरी है, वरना टीम का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
Intensity on point ahead of a new challenge 🏃
— BCCI (@BCCI) June 30, 2026
All set for the #ENGvIND T20Is 💪#TeamIndia pic.twitter.com/Vm8e0S2XrM
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