मुंबई की पहचान रही धारावी अब आधुनिकीकरण की नई दहलीज पर है। महाराष्ट्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित धारावी पुनर्विकास परियोजना (Dharavi Redevelopment Project) को लेकर एक बड़ी समयसीमा तय कर दी है। सरकार का दावा है कि अगले 18 महीनों में इस परियोजना का पहला चरण पूरा कर लिया जाएगा।
10 हजार परिवारों के लिए नया आशियाना विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि पहले चरण के तहत 10 हजार परिवारों को नए घर सौंपे जाएंगे। यह कदम उन लाखों लोगों के लिए एक बड़ी राहत है, जो दशकों से तंग गलियों और बुनियादी सुविधाओं की कमी के बीच रह रहे हैं। सरकार इन परिवारों को आधुनिक सुविधाओं से लैस घर मुहैया कराएगी।
किसे मिलेगा घर? पात्रता के नियम स्पष्ट पुनर्वास के लिए सरकार ने स्पष्ट नियम तय किए हैं:
आर्थिक मजबूती: छोटे उद्योगों को मिलेगा सहारा धारावी केवल एक रिहायशी इलाका नहीं, बल्कि चमड़ा, रीसाइक्लिंग और कपड़ा उद्योग का बड़ा केंद्र है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्थानीय उद्यमियों को विस्थापित नहीं किया जाएगा, बल्कि उनके व्यवसायों को यहीं पुनर्स्थापित किया जाएगा। इतना ही नहीं, स्थानीय कारोबारियों को पहले 5 वर्षों तक जीएसटी (GST) में भी छूट दी जाएगी।
विशाल स्तर पर होगा निर्माण इस परियोजना के आंकड़े इसके व्यापक स्वरूप को दर्शाते हैं:
मुंबई का भविष्य: क्लस्टर विकास की ओर कदम मुख्यमंत्री ने इसे महज ‘घर बनाने की योजना’ न बताते हुए मुंबई का ‘ग्रोथ इंजन’ करार दिया है। सरकार केवल धारावी तक सीमित नहीं रहेगी; जुहू गली, बेहरामपाड़ा और एंटॉप हिल समेत मुंबई के 19 अन्य इलाकों में भी क्लस्टर आधारित पुनर्विकास परियोजनाएं शुरू करने की तैयारी है।
अदाणी समूह और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त उपक्रम (SPV) के जरिए चल रही यह परियोजना मुंबई को झुग्गी-मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। अगर यह योजना तय समय पर पूरी होती है, तो एशिया की सबसे बड़ी बस्ती का चेहरा पूरी तरह से बदल जाएगा।
*Along with ensuring homes for all under the Dharavi Redevelopment Project, local businesses will be resettled locally and granted a GST concession for the first five years.
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) July 8, 2026
धारावी पुनर्विकास प्रकल्पात प्रत्येकाला घरे देण्याबरोबरच स्थानिक उद्योगांचे तिथेच पुनर्वसन केले जाणार आहे.… pic.twitter.com/6jtFmxoO0o
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