मुजफ्फरनगर में नरक: फैक्ट्री में कैद थे 12 मजदूर, पिटबुल कुत्ते और भाले का खौफ दिखाकर कराया जाता था काम
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित तितावी थाना क्षेत्र के मंडी गांव में बंधुआ मजदूरी का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने रूह कंपा दी है। दोना-पत्तल बनाने की एक फैक्ट्री में कैद 12 मजदूरों को पुलिस ने छापेमारी कर मुक्त कराया। इन मजदूरों ने ऐसी आपबीती सुनाई है जो किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं है।

नौकरी का झांसा और मोबाइल की कैद मजदूरों ने बताया कि उन्हें रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों से अच्छी नौकरी और वेतन का लालच देकर यहां लाया गया था। फैक्ट्री पहुंचते ही उनके मोबाइल छीन लिए गए और पहचान पत्र नष्ट कर दिए गए। डेढ़ साल तक बंधक बने रहे इन श्रमिकों का न तो कोई वेतन दिया गया और न ही परिवार से संपर्क करने दिया गया।

लोहे की रॉड, पिटबुल कुत्ते और यातनाएं मजदूरों के अनुसार, फैक्ट्री के मालिक प्रदीप बालियान और उसके बेटे अंकित बालियान का अत्याचार क्रूरता की सारी हदें पार कर चुका था। विरोध करने या काम की थकान होने पर मजदूरों को लोहे की रॉड और भाले जैसी नुकीली चीजों से पीटा जाता था। जब कोई भागने की कोशिश करता, तो उस पर खूंखार पिटबुल कुत्ते छोड़ दिए जाते थे। कई मजदूरों के शरीर पर इन जानवरों के हमले और मारपीट के गहरे निशान आज भी मौजूद हैं।

15 घंटे काम और सूखी रोटियों का सहारा मजदूरी की हालत यह थी कि उन्हें 15 घंटे से ज्यादा काम करना पड़ता था। बैठने तक की मनाही थी और खाने के नाम पर उन्हें सिर्फ चोकर की सूखी रोटियां दी जाती थीं। लगातार यातनाओं के कारण कई मजदूरों के शरीर पर सिर्फ हड्डियां बची हैं और वे गंभीर मानसिक आघात (ट्रॉमा) से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनके शरीर ही नहीं, बल्कि मन पर भी गहरे घाव हैं।

अर्जुन की कथित हत्या का खुलासा पुलिस जांच के दौरान एक और सनसनीखेज आरोप सामने आया है। मुक्त कराए गए मजदूरों ने दावा किया है कि नवंबर 2025 में अर्जुन नाम के एक मजदूर की हत्या कर दी गई थी और शव को ठिकाने लगा दिया गया था। पुलिस अब इस गंभीर मामले की भी जांच कर रही है।

पुलिस की कार्रवाई और मुख्य आरोपी की तलाश मामले का खुलासा तब हुआ जब राजस्थान के जोधपुर का एक मजदूर जान जोखिम में डालकर दीवार फांदकर भागने में सफल रहा। उसने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद यह रेस्क्यू ऑपरेशन अंजाम दिया गया। पुलिस ने सुपरवाइजर शिवा त्यागी और प्रदीप बालियान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अंकित बालियान अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।

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