अयोध्या में आक्रोश राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी के आरोपों ने संतों के बीच भारी गुस्सा पैदा कर दिया है। इस मामले में अब तक 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, लेकिन आध्यात्मिक वक्ता करपात्री महाराज ने इस कार्रवाई पर असंतोष जताया है।
योगी को सख्त चेतावनी करपात्री महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे अपील की है। उन्होंने कहा, मैं एसआईटी की जांच से संतुष्ट नहीं हूं। मुख्यमंत्री जी, आप इस मामले में सख्त कार्रवाई करें। अगर राम के नाम पर लूट करने वालों को सजा देने के लिए आपको अपनी कुर्सी भी छोड़नी पड़े, तो पीछे न हटें। हम आपको पीएम या राष्ट्रपति बनाएंगे, लेकिन राम द्रोहियों को दंडित करना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
अयोध्या छोड़ने का फरमान महाराज ने मांग की है कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी एफआईआर दर्ज हो और उन्हें तत्काल प्रभाव से अयोध्या से बाहर निकाला जाए। उनका मानना है कि ऐसे लोगों का पवित्र नगरी में रहना उचित नहीं है।
पीएमओ और सीएमओ की सीधी नजर इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय दोनों इस पर पैनी नजर रखे हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि दूध का दूध और पानी का पानी होगा। शासन की मंशा है कि राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र से जुड़ी जांच में कोई भी तथ्य नजरअंदाज न हो।
जांच का दायरा बढ़ा एसआईटी अब जांच के दायरे को और विस्तृत कर रही है। पुलिस केवल 8 आरोपियों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उन लोगों की तलाश कर रही है जो चढ़ावा नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं। प्रारंभिक जांच में केवल शुरुआती साक्ष्यों और आरोपियों का उल्लेख था, लेकिन अब हर आरोप के दस्तावेजी सबूत जुटाए जा रहे हैं।
प्रारंभिक रिपोर्ट और अगली कार्रवाई सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 15 जून से काम शुरू किया और 20 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी। अब पुलिस का पूरा ध्यान इस नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं को बेनकाब करने पर है।
ट्रस्ट के प्रमुख नाम बाहर उल्लेखनीय है कि इस मामले में दर्ज एफआईआर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, डॉक्टर अनिल मिश्रा और व्यवस्थापक गोपाल राव के नाम शामिल नहीं हैं। अब देखना यह है कि जांच का दायरा आगे किन चेहरों तक पहुंचता है।
*#WATCH | Ayodhya, UP: On FIR registered in the alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement case, Spiritual Orator, Karpatri Maharaj says, I am not satisfied with the SIT investigation... I want to tell CM Yogi Adityanath to take strict action on this. FIRs should be… pic.twitter.com/oDflxaZybf
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 26, 2026
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