पटना कोचिंग वॉर: खान सर बनाम रौशन आनंद, अवध ओझा की एंट्री ने बढ़ाई हलचल
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बिहार की राजधानी पटना का शिक्षा जगत इन दिनों एक हाई-वोल्टेज विवाद की आग में झुलस रहा है। देश के दो बड़े कोचिंग संस्थानों— खान ग्लोबल स्टडीज (खान सर) और ज्ञान बिंदु एकेडमी (रौशन आनंद)—के बीच वर्चस्व की जंग अब कानूनी दांव-पेंच और पुलिसिया कार्रवाई का रूप ले चुकी है। इस बीच, मशहूर शिक्षक अवध ओझा के समर्थन ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।

पोस्टर वॉर से फायरिंग तक का सफर

विवाद की शुरुआत बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के नतीजों के बाद हुई। दोनों कोचिंग संस्थानों ने बंपर सिलेक्शन का दावा किया और पूरे पटना में पोस्टर-बैनर लगाने की होड़ मच गई। आरोप है कि खान सर के स्टाफ ने रौशन आनंद की एकेडमी के बोर्ड पर अपना बैनर चिपका दिया, जिससे तनाव बढ़ गया। देखते ही देखते यह विवाद पथराव और तोड़फोड़ में बदल गया।

केस के दो बड़े मोड़: गिरफ्तारी और फायरिंग

मामला तब गंभीर हो गया जब खान एकेडमी के मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने रौशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन अगले ही दिन, खान सर के बॉडीगार्ड्स द्वारा की गई हवाई फायरिंग का वीडियो वायरल हो गया। पुलिस पूछताछ में बॉडीगार्ड्स ने कबूल किया कि उन्होंने खान सर के कहने पर गोलियां चलाई थीं। इसके बाद, खान सर पर हत्या के प्रयास (BNS धारा 109) जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।

अंडरग्राउंड हुए खान सर, पुलिस की घेराबंदी

एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही खान सर सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, वे अग्रिम जमानत के प्रयास में जुटे हैं। स्थिति यह है कि खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हजारों छात्र रात भर डटे रहे, जिससे पुलिस किसी भी बड़ी कार्रवाई से बच रही है। छात्र नेताओं ने इसे पुलिस की पक्षपाती कार्रवाई बताते हुए खान सर की गिरफ्तारी की मांग की है।

अवध ओझा का खुला समर्थन

इस पूरे बवाल के बीच प्रसिद्ध शिक्षक अवध ओझा ने खान सर का खुलकर बचाव किया है। ओझा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा, एक शिक्षक पर हमला क्यों किया जा रहा है? खान सर ने अस्पताल खोले हैं और गरीब बच्चों को सस्ती शिक्षा दे रहे हैं। किसी नेता ने आज तक ऐसा नहीं किया, जो एक शिक्षक कर रहा है। ओझा का यह बयान विवाद के समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस का नया केंद्र बन गया है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल, एक तरफ जहां खान सर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है, वहीं पटना का शैक्षणिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पक्ष और विपक्ष के राजनेताओं की बयानबाजी ने इसे केवल एक कोचिंग विवाद नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। अब सबकी नजरें कोर्ट के फैसले और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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