भारत की प्रमुख ज्वेलरी कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स एक बड़े विवाद में फंस गई है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी पर वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच 15.15 लाख करोड़ रुपये का राजस्व (Revenue) गलत तरीके से दिखाने का गंभीर आरोप लगाया है।
SEBI की कार्रवाई और आरोप SEBI ने 109 पन्नों के अपने अंतरिम आदेश में कंपनी के प्रमोटर और सीईओ राजेश मेहता को सिक्योरिटीज मार्केट में डील करने से रोक दिया है। रेगुलेटर का आरोप है कि कंपनी ने न केवल वित्तीय आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, बल्कि फंड्स को निजी खातों और संबंधित संस्थाओं के जरिए गलत तरीके से रूट और लेयरिंग भी किया। कंपनी को अपने वित्तीय स्टेटमेंट और रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन को दोबारा स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस का सरकार पर तंज कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस मामले को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। खेड़ा ने आरोप लगाया कि गंभीर शिकायत मिलने के बावजूद SEBI ने जांच शुरू करने में ही 7 महीने का लंबा समय ले लिया। उन्होंने इसे एक सोची-समझी देरी बताया, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ।
निवेशकों के 25 हजार करोड़ डूबे? पवन खेड़ा ने दावा किया कि फरवरी 2023 में राजेश एक्सपोर्ट्स का मार्केट कैप 28 हजार करोड़ रुपये था, जो 5 जून 2026 तक गिरकर मात्र 3 हजार करोड़ रुपये रह गया। इस भारी गिरावट से आम निवेशकों के लगभग 25 हजार करोड़ रुपये डूब गए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि LIC ने इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 2016 के 1.99% से बढ़ाकर 2026 तक 10.80% क्यों कर दी।
भाईचारे का गंभीर आरोप कांग्रेस ने तीखे शब्दों में कहा कि देश की जनता अपने खातों में 15 लाख रुपये आने की उम्मीद लगाए बैठी थी, लेकिन राजेश भाई ने 15 लाख करोड़ का घोटाला कर दिया। पार्टी ने मेहुल, विजय, नीरव और ललित जैसे भगोड़ों का जिक्र करते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि यह भाईचारा देश के लिए बेहद महंगा साबित हो रहा है।
कंपनी का क्या है रुख? विवाद बढ़ने के बावजूद राजेश एक्सपोर्ट्स ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उनके वित्तीय खुलासे नियम के अनुसार सही हैं। अब देखना यह होगा कि रेगुलेटरी जांच में कंपनी के खिलाफ और क्या ठोस सबूत सामने आते हैं और सरकार इस बड़े वित्तीय घोटाले को लेकर किस तरह का रुख अपनाती है।
देश की जनता 15 लाख रुपए खाते में आने की आस में बैठी रही, लेकिन नरेंद्र मोदी के दोस्त राजेश भाई ने 15 लाख करोड़ का घोटाला कर लिया।
— Congress (@INCIndia) June 5, 2026
मेहुल भाई, विजय भाई, नीरव भाई, ललित भाई, राजेश भाई ये सब नरेंद्र भाई के दोस्त हैं और ये भाईचारा देश पर बहुत महंगा पड़ रहा है।
SEBI ने राजेश… pic.twitter.com/LRSZEAbSql
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