शतरंज की दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता नॉर्वे चेस में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद ने इतिहास रच दिया है। प्रज्ञानंद इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। 10वें और अंतिम राउंड में विंसेंट केइमर को मात देकर उन्होंने कुल 18 अंकों के साथ खिताबी जीत दर्ज की।
अंतिम पल का रोमांच अंतिम राउंड से पहले प्रज्ञानंद 15 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर थे। वे फिलिपिनो-अमेरिकन ग्रैंडमास्टर वेसेलि सो से आधा अंक पीछे थे। लेकिन फाइनल दौर में वेसेलि सो और अलीरेजा फिरोउजा का मुकाबला ड्रा रहा, जिससे प्रज्ञानंद के लिए जीत का रास्ता साफ हो गया। अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद प्रज्ञानंद ने कहा, जीत के करीब पहुँचते ही तनाव बढ़ गया था, लेकिन मैंने अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखा।
वर्ल्ड नंबर-1 कार्लसन को दो बार दी मात इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी चर्चा प्रज्ञानंद द्वारा दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दो बार हराना रही। प्रज्ञा ने सफेद और काले, दोनों मोहरों से खेलते हुए कार्लसन को परास्त कर विश्व शतरंज जगत को स्तब्ध कर दिया।
कोच का मंत्र: प्रक्रिया पर भरोसा प्रज्ञानंद के कोच वैभव सूरी ने जीत का श्रेय उनकी मेहनत और निरंतरता को दिया है। वैभव ने कहा, हमने मैग्नस या किसी विशेष खिलाड़ी के लिए कोई अलग तैयारी नहीं की थी। हमारा ध्यान अपने प्रोसेस और मैच की बारीकियों पर था। कार्लसन को हराना प्रज्ञा के आत्मविश्वास के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
दबाव कम करने के लिए मजाक-मस्ती तनावपूर्ण माहौल में खुद को शांत रखने के लिए प्रज्ञानंद ने अपनी शरारतों का सहारा लिया। कोच वैभव सूरी ने बताया कि मैच के अलावा वे अक्सर आईपीएल और अन्य खेलों पर चर्चा करते थे। प्रज्ञानंद अक्सर अपने कोच के उपनाम (सूरी) और उभरते हुए क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के नाम को लेकर उन्हें छेड़ते रहते थे, जिससे खेल का तनाव काफी हद तक कम हो जाता था।
प्रज्ञानंद का सफर: एक नजर में टूर्नामेंट में प्रज्ञानंद का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने कुल 10 राउंड में 5 जीत और 2 ड्रॉ के साथ 18 अंक हासिल किए। लगातार चार जीत के साथ टूर्नामेंट का समापन करना उनकी बेहतरीन फॉर्म को दर्शाता है।
महज 10 साल की उम्र में इंटरनेशल मास्टर बनने से लेकर आज नॉर्वे चेस चैंपियन बनने तक का सफर प्रज्ञानंद के अटूट संकल्प को दर्शाता है। इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय शतरंज के सितारे विश्व पटल पर सबसे चमकदार हैं।
Pragg couldn’t realize that he won Norway Chess 2026! 🤯🏆
— Norway Chess (@NorwayChess) June 5, 2026
Congratulations, Pragg! 🥳🔥 #NorwayChess pic.twitter.com/B7un878N6h
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