54 साल पहले चांद पर छोड़ी थी परिवार की तस्वीर, अब NASA के पूर्व अंतरिक्ष यात्री का भावुक संदेश
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हर कोई अपने प्रियजनों के प्रति प्यार अलग तरीके से जताता है, लेकिन अंतरिक्ष यात्री चार्ल्स ड्यूक (Charles Duke) ने जो किया, वह इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। 1972 में अपोलो 16 मिशन के दौरान, उन्होंने चांद की सतह पर अपने परिवार की एक तस्वीर छोड़ी थी।

एक पिता का अनोखा वादा 16 अप्रैल 1972 को जब 36 वर्षीय चार्ल्स ड्यूक चांद पर कदम रखने वाले सबसे कम उम्र के अंतरिक्ष यात्रियों में से एक बने, तो उनके दिल में अपने परिवार की यादें ताजा थीं। मिशन से पहले उन्होंने अपने बच्चों से वादा किया था कि वे उन्हें भी चांद पर ले जाएंगे। जब यह मुमकिन नहीं हुआ, तो उन्होंने एक भावुक रास्ता निकाला।

क्या लिखा था तस्वीर के पीछे? ड्यूक अपने साथ परिवार की एक तस्वीर लेकर गए और उसे चांद की धूल भरी सतह पर रख दिया। तस्वीर के पीछे उन्होंने लिखा था: यह धरती से आए अंतरिक्ष यात्री चार्ली ड्यूक का परिवार है, जो 20 अप्रैल 1972 को चांद पर उतरे थे। यह महज एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि लाखों किलोमीटर दूर अंतरिक्ष में एक पिता का अपने परिवार के लिए अटूट प्रेम था।

Artemis मिशन और ड्यूक का संदेश आज, 54 साल बाद यह कहानी फिर से सुर्खियों में है। इसका कारण है नासा का आगामी Artemis II मिशन। 90 साल के हो चुके चार्ल्स ड्यूक ने अब चांद पर जाने वाले नए अंतरिक्ष यात्रियों को एक प्रेरणादायक और भावुक संदेश भेजा है।

उन्होंने कहा, चांद पर मेरे परिवार की एक तस्वीर है... मैं उम्मीद करता हूं कि वह आपको याद दिलाएगी कि पूरी दुनिया आपके साथ है।

क्या आज भी चांद पर मौजूद है वह तस्वीर? सवाल यह है कि क्या दशकों बाद भी वह तस्वीर सुरक्षित है? वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो चांद का वातावरण बेहद कठोर है। वहां दिन में तापमान 120°C तक पहुंच जाता है और रात में -156°C तक गिर जाता है। साथ ही, खतरनाक सौर विकिरण (UV rays) भी वहां मौजूद हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी भीषण परिस्थितियों के कारण तस्वीर का रंग उड़ चुका होगा या वह पूरी तरह नष्ट हो गई होगी। हालांकि, चूंकि चंद्रमा पर वायुमंडल और हवा नहीं है, इसलिए इस बात की पूरी संभावना है कि वह तस्वीर आज भी उसी जगह पर स्थिर पड़ी होगी, जहां ड्यूक ने उसे 1972 में छोड़ा था।

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