एलपीजी संकट पर सरकार का बड़ा अपडेट: 4 लाख कनेक्शन बदले, 5 किलो वाले सिलेंडर की डिलीवरी तेज
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घरेलू गैस आपूर्ति पर सरकार का भरोसा ईरान-अमेरिका तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट की चर्चाओं के बीच भारत सरकार ने एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल का स्टॉक पूरी तरह सुरक्षित है और आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।

4 लाख कनेक्शन पीएनजी में तब्दील पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि पिछले पांच हफ्तों में 4 लाख से अधिक एलपीजी कनेक्शनों को पीएनजी (पाइपलाइन नेचुरल गैस) में बदला गया है। सरकार अब पीएनजी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है।

5 किलो वाले सिलेंडर की मांग पूरी मंत्रालय के अनुसार, देशभर में प्रतिदिन लगभग एक लाख 5-किलो वाले सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। सरकार ने दावा किया है कि घरेलू एलपीजी का उत्पादन बढ़ाकर अब कुल आवश्यकता का 60% तक कर दिया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत न हो।

ऑनलाइन बुकिंग और ओटीपी सुरक्षा वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नई तकनीक अपनाई है। वर्तमान में एलपीजी की 98 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन हो रही है, जबकि 92 प्रतिशत सिलेंडर की डिलीवरी ओटीपी (OTP) सत्यापन के जरिए की जा रही है, ताकि कालाबाजारी पर लगाम लगाई जा सके।

व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए प्राथमिकता कमर्शियल श्रेणी में एलपीजी की आपूर्ति 70 प्रतिशत तक बहाल हो चुकी है। सरकार ने अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, होटलों और दवा क्षेत्र जैसी आवश्यक इकाइयों को प्राथमिकता दी है ताकि सेवा कार्यों में कोई बाधा न आए।

पीएनजी पर स्विच करना होगा अनिवार्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि नेटवर्क वाले क्षेत्रों में पाइपलाइन गैस कनेक्शन को अनिवार्य किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पीएनजी उपलब्ध है, वहां तीन महीने बाद एलपीजी आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए एक पोर्टल भी शुरू किया है, जहां उपभोक्ता अपने सिलेंडर वापस कर सुरक्षा जमा राशि (Security Deposit) प्राप्त कर सकते हैं।

तकनीकी बाधाओं के लिए छूट मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी क्षेत्र में तकनीकी कारणों से पाइपलाइन बिछाना संभव नहीं है, तो वहां के उपभोक्ताओं को एलपीजी आपूर्ति जारी रखने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द अधिक जनसंख्या को पाइपलाइन गैस नेटवर्क से जोड़ना है।

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