भारत-कतर की नई रणनीतिक साझेदारी: ऊर्जा से शांति तक, हरदीप पुरी के दोहा दौरे के बड़े मायने
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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में दोहा का दो दिवसीय दौरा संपन्न किया है। इस दौरान भारत और कतर के बीच व्यापार, ऊर्जा और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर सहमति बनी है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच पुराने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

पीएम मोदी का संदेश और कूटनीतिक एकजुटता दोहा में हरदीप पुरी ने कतर के ऊर्जा राज्य मंत्री और कतर एनर्जी के सीईओ साद शेरिदा अल-काबी से मुलाकात की। इस दौरान मंत्री पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और कतर के पीएम को एकजुटता और समर्थन का संदेश सौंपा। पीएम मोदी ने कतर में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और देखभाल के लिए कतर सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया।

मार्च की बातचीत और शांति की पहल चर्चा के दौरान मार्च 2026 में पीएम मोदी और कतर के अमीर के बीच हुई टेलीफोनिक वार्ता का विशेष जिक्र हुआ। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि पश्चिम एशिया में स्थिरता और शांति के लिए कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है। संवाद और आपसी सहयोग के जरिए क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने की आवश्यकता पर फिर से जोर दिया गया।

ऊर्जा सुरक्षा पर कतर का भरोसा ऊर्जा क्षेत्र भारत-कतर संबंधों की रीढ़ है। साद शेरिदा अल-काबी ने स्पष्ट किया कि कतर भारत के लिए एक भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्तिकर्ता की भूमिका निभाता रहेगा। दोनों पक्षों ने ऊर्जा सहयोग को और अधिक विस्तार देने और निवेश के नए अवसरों को तलाशने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और संघर्ष विराम बैठक में हाल ही में हुए संघर्ष विराम का स्वागत किया गया। मंत्री पुरी और कतर के शीर्ष नेतृत्व ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक प्रवाह में आ रही बाधाओं पर चिंता व्यक्त की। दोनों देशों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को निर्बाध रखने और व्यापारिक स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित किया ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

भविष्य की मजबूत राह हरदीप पुरी का यह दौरा महज औपचारिक नहीं, बल्कि भविष्य की साझेदारी की नींव है। व्यापार, निवेश, संस्कृति और लोगों के बीच जुड़ाव को बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने एक ठोस रोडमैप पर चर्चा की है। आने वाले समय में भारत और कतर के बीच ये रणनीतिक रिश्ते न केवल आर्थिक लाभ देंगे, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे।

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