अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी अब केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल और कूटनीतिक मोर्चे पर भी बेहद आक्रामक हो गई है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को पाषाण युग में भेजने की धमकी के बाद, दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने इतिहास और व्यंग्य का सहारा लेकर अमेरिका पर तीखा हमला बोला है।
धमकी: ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे विवाद की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान से हुई जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना जल्द ही ईरान में अपने रणनीतिक उद्देश्य पूरे कर लेगी। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, अगले दो-तीन हफ्तों में हम उन पर बेहद कड़ा प्रहार करेंगे। हम उन्हें पाषाण युग में भेज देंगे, जहां उन्हें वास्तव में होना चाहिए। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी सोशल मीडिया पर इस बयान का खुलेआम समर्थन किया।
ईरानी दूतावास का डिजिटल स्ट्राइक ट्रंप की इस टिप्पणी का जवाब देने के लिए दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिलसिलेवार पोस्ट किए। दूतावास ने एक कार्टून साझा किया जिसमें ट्रंप को मशहूर कार्टून फ्लिंटस्टोन्स के पात्र की तरह दिखाया गया है, जो गुस्से में चिल्ला रहे हैं। उनके बगल में एक प्राचीन फारसी राजा को मुस्कुराते हुए दिखाया गया है, जो साइरस सिलेंडर प्रदर्शित कर रहा है।
ईरान देश नहीं, एक सभ्यता है दूतावास ने अमेरिकी नेतृत्व पर तंज कसते हुए लिखा, पाषाण युग? जब आप गुफाओं में आग की तलाश कर रहे थे, तब हम साइरस सिलेंडर पर मानवाधिकारों को उकेर रहे थे। हमने सिकंदर और मंगोल आक्रमणों को झेला है और हम फिर भी बचे रहे। ईरान सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि एक सभ्यता है। एक अन्य पोस्ट में दूतावास ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके इतिहास के शिक्षक को ढूंढना चाहिए क्योंकि उनका यह बेवकूफ छात्र कुछ भी नहीं सीख पाया है।
क्या है साइरस सिलेंडर ? ईरान ने अपनी ऐतिहासिक श्रेष्ठता साबित करने के लिए साइरस सिलेंडर का जिक्र किया है। ईसा पूर्व 6वीं शताब्दी का यह प्राचीन मिट्टी का बेलन मानव इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक माना जाता है। इस पर दर्ज लेखों में मंदिरों के सम्मान, धार्मिक आजादी और गुलामी के उन्मूलन का उल्लेख है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे दुनिया का पहला मानवाधिकार घोषणापत्र माना है।
ईरान इस ऐतिहासिक धरोहर का उपयोग यह बताने के लिए कर रहा है कि जब पश्चिमी दुनिया का बड़ा हिस्सा असभ्य था, तब फारसी साम्राज्य मानवाधिकारों और एक उन्नत संस्कृति की नींव रख चुका था। अब देखना यह है कि ईरान के इस कूटनीतिक और ऐतिहासिक तंज का व्हाइट हाउस क्या जवाब देता है।
The flintstones and the Persian Empire.
— Iran Embassy SA (@IraninSA) April 2, 2026
Truth through art pic.twitter.com/GZr0XRCqUc
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