नासा के आर्टेमिस II मिशन ने गुरुवार की रात एक ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया है। ओरियन कैप्सूल ने अपने इंजनों को प्रज्वलित कर पृथ्वी की कक्षा को छोड़ दिया है। इसी के साथ, अपोलो युग के बाद पहली बार मानव जाति ने पृथ्वी की परिधि से बाहर निकलकर सीधे चंद्रमा की ओर अपनी उड़ान भरी है।
ट्रांसलूनर इग्निशन (चांद की ओर जाने के लिए इंजन को चालू करना) लिफ्टऑफ के 25 घंटे बाद अंजाम दिया गया। ओरियन स्पेसक्राफ्ट के सर्विस मॉड्यूल ने लगभग छह मिनट तक मुख्य इंजन चलाकर 6,000 पाउंड का थ्रस्ट पैदा किया। इस युद्धाभ्यास ने चार अंतरिक्ष यात्रियों को 24,000 मील प्रति घंटे (38,000 किमी/घंटा) की रफ्तार दी है, जो उन्हें सीधे 250,000 मील दूर चंद्रमा की ओर ले जा रहा है।
कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन ने कैप्सूल की खिड़कियों से पृथ्वी का नज़ारा लेते हुए कहा, इंसानियत ने एक बार फिर दिखाया है कि हम क्या करने में सक्षम हैं। क्रू के सदस्य इतने भावुक थे कि वे लगातार खिड़कियों से चिपके रहे। नासा ने इस उड़ान को हरी झंडी देने से पहले क्रू के लाइफ-सपोर्ट सिस्टम की जांच के लिए उन्हें शुरुआत में एक दिन पृथ्वी के पास ही रखा था।
यह मिशन केवल चांद के चक्कर लगाने तक सीमित नहीं है। आर्टेमिस II के कमांडर रीड वाइज़मैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन चंद्रमा के पास से यू-टर्न लेकर वापस आएंगे। इस दौरान वे पृथ्वी से सबसे दूर जाने वाले इंसान बनकर 1970 के अपोलो 13 का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। यह दल विविधता का भी प्रतीक है, जिसमें पहली महिला, पहले अश्वेत और पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं।
मिशन के दौरान तकनीकी चुनौतियां भी सामने आईं। ओरियन का टॉयलेट बुधवार को खराब हो गया था, जिसे चालक दल ने कुछ प्लंबिंग ट्रिक्स से ठीक किया। साथ ही, पानी के डिस्पेंसर में आई वाल्व समस्या के चलते एस्ट्रोनॉट्स ने एहतियात के तौर पर अलग से पानी के पाउच भी भरे हैं।
क्रू अब सोमवार को चंद्रमा के 4,000 मील (6,400 किमी) करीब से गुजरेगा। इस दौरान उन्हें चंद्रमा के उस हिस्से के नज़ारे मिलेंगे जो पृथ्वी से कभी नहीं दिखता। यह टेस्ट फ्लाइट नासा के उस महत्वाकांक्षी प्लान का हिस्सा है, जिसके तहत 2028 तक इंसानों को चांद की सतह पर दोबारा उतारने की योजना है। अब पूरी दुनिया की नज़रें सोमवार के उस ऐतिहासिक क्षण पर टिकी हैं, जब यह कैप्सूल चंद्रमा के रहस्यों को करीब से देखेगा।
Next stop: lunar flyby.
— NASA Artemis (@NASAArtemis) April 3, 2026
The Orion spacecraft recently ignited its main engine on the service module for about six minutes to provide about 6,000 pounds of thrust. This maneuver sets the Artemis II astronauts on the path to the Moon. pic.twitter.com/MzUFzqAXK3
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