पश्चिम एशिया में जारी भीषण जंग ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। तेल-गैस की आपूर्ति बाधित होने से ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस का खतरा मंडरा रहा है। इस उथल-पुथल के बीच पाकिस्तान खुद को एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।
इस्लामाबाद में बड़ी कूटनीतिक हलचल तनाव को कम करने के उद्देश्य से पाकिस्तान ने इस्लामिक NATO के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद आमंत्रित किया है। तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान, सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्री नूर खान एयरबेस पहुंच चुके हैं। इस दो दिवसीय वार्ता का नेतृत्व पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार करेंगे।
क्या पाकिस्तान की कोशिशें रंग लाएंगी? पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेस्कियन से लंबी बातचीत की है। तेहरान ने पाकिस्तान की इस पहल का स्वागत तो किया है, लेकिन जमीनी हकीकत जटिल है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका और इजरायल की सक्रिय भागीदारी के बिना यह शांति वार्ता कोई ठोस परिणाम दे पाएगी? फिलहाल इन दोनों देशों की उपस्थिति पर अभी भी संशय बना हुआ है।
अमेरिका और ईरान के प्रस्तावों में टकराव वार्ता के बीच दोनों देशों के रुख में भारी विरोधाभास है। अमेरिका ने 15-सूत्रीय प्रस्ताव रखा है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने जैसी शर्तें शामिल हैं। वहीं, ईरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान अपने पांच-सूत्रीय प्लान पर अड़ा है, जिसमें युद्ध के मुआवजे और जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता की मान्यता मुख्य मांगें हैं।
विश्वास का गहरा संकट ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसे अमेरिकी मध्यस्थता पर भरोसा नहीं है। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका अवास्तविक मांगें रख रहा है। जहां ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रखी है, वहीं दोनों पक्षों के बीच गहरा अविश्वास इस शांति प्रक्रिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
क्या यह जुटान केवल दिखावा साबित होगी, या पाकिस्तान वास्तव में एक प्रभावी शांति दूत बन पाएगा? पूरी दुनिया की नजरें अब इस्लामाबाद की इन बैठकों पर टिकी हैं।
FM of Türkiye Hakan Fidan @HakanFidan has arrived in Islamabad along with Foreign Ministers of Saudi Arabia and Egypt for consultations on efforts aimed at de-escalation in the region. He was received by AS (Afghanistan & West Asia) Syed Ali Asad Gillani at Nur Khan Airbase. FM… pic.twitter.com/EXUXFJ3Gaa
— Ministry of Foreign Affairs - Pakistan (@ForeignOfficePk) March 28, 2026
मिडिल ईस्ट में सुलगती जंग: भारत की तैयारियों पर सरकार का फ्लैग मार्च
उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल: तीन पूर्व विधायकों समेत 6 दिग्गज नेताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ
युद्ध पर सवाल, खूबसूरती की तारीफ: लाइव टीवी पर ट्रंप की किस हरकत ने मचाया बवाल?
IPL 2026: ईशान किशन का धमाका, सीजन का पहला अर्धशतक जड़कर रचा इतिहास
क्या आलिया भट्ट परफेक्ट मां बनने के दबाव में हैं? सद्गुरु ने दिया पेरेंटिंग का गुरुमंत्र
पहले मणिपुर की आग बुझाइए, फिर बंगाल की बात कीजिए : शाह की चार्जशीट पर TMC का तीखा पलटवार
मंत्री जी, प्रोफेसर तो बन गए लेकिन राजनीति विज्ञान के बुनियादी पाठ में ही फेल हो गए!
विराट कोहली का क्यूट मोमेंट: ईशान किशन के साथ मैदान पर हुई मस्ती वायरल
असम में अमित शाह का शक्ति प्रदर्शन: 90 सीटों के साथ फिर बनाएंगे बीजेपी सरकार
विराट कोहली की फ्लाइंग किस और अनन्या बिड़ला का रिएक्शन: आरसीबी की जीत के बाद सोशल मीडिया पर छाया वीडियो