मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने अपनी सुरक्षा और आर्थिक मोर्चों को लेकर हाई-लेवल समीक्षा बैठकें शुरू कर दी हैं। देश की ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन की मजबूती के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में अनौपचारिक मंत्रियों के समूह (IGoM) ने मंथन किया।
ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन पर फोकस बैठक में मुख्य रूप से भारत की ऊर्जा आपूर्ति में आने वाले संभावित जोखिमों पर चर्चा हुई। चूंकि भारत के ज्यादातर तेल और गैस के जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील इलाकों से गुजरते हैं, इसलिए सरकार किसी भी आपात स्थिति के लिए अलर्ट मोड पर है। आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना और बुनियादी ढांचे को किसी भी बाहरी हमले या व्यवधान से सुरक्षित रखना सरकार की बड़ी प्राथमिकता है।
पीएम मोदी की हुंकार: राज्यों के साथ बनाया कवच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक बड़ी बैठक की। इसमें आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस अहम बैठक का हिस्सा बने।
टीम इंडिया का मंत्र इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करना था। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि टीम इंडिया की भावना के साथ हमें किसी भी संकट का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। सरकार का जोर इस बात पर है कि पश्चिम एशिया के संघर्ष का असर भारत के आम नागरिकों और घरेलू बाजार पर कम से कम पड़े।
नागरिकों की सुरक्षा सबसे ऊपर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार पल-पल की अपडेट ले रही है। उन्होंने कहा कि देश के हितों की रक्षा के साथ-साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि संघर्ष प्रभावित इलाकों में मौजूद भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें। सरकार की कोशिश है कि सप्लाई चेन में आने वाली किसी भी रुकावट को समय रहते पहचाना जाए और उसका विकल्प तैयार रखा जाए।
रणनीतिक मोर्चे पर भारत की सतर्कता ईरान और इजराइल के बीच बढ़े तनाव के बाद भारत ने अपनी कूटनीतिक और रणनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। यह बैठक संकेत देती है कि भारत न केवल वैश्विक शांति की वकालत कर रहा है, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्लान बी के साथ पूरी तरह तैयार है।
*A meeting of an IGoM (Informal Group of Ministers) constituting several senior ministers was held today to review the risks to energy supplies, domestic availability of essential commodities, critical infrastructure resilience and robustness of India’s supply chains in the wake… pic.twitter.com/olF6ragjCE
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) March 28, 2026
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