नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते संकट और युद्ध के बढ़ते साये को देखते हुए भारत सरकार ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस स्थिति की गंभीरता को समझते हुए इनफॉर्मल एम्पावर्ड ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (IGoM) की पहली महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की।
सुरक्षा और आर्थिक मोर्चे पर प्रोएक्टिव रणनीति बैठक में रक्षा मंत्री ने साफ किया कि भारत को अब केवल स्थिति पर नजर नहीं रखनी है, बल्कि प्रोएक्टिव यानी पहले से तैयार रहने वाली रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय संकटों से निपटने के लिए मध्यम और लंबी अवधि की योजनाएं बनाना अनिवार्य है ताकि फैसले लेने की प्रक्रिया में कोई देरी न हो।
दिग्गज मंत्रियों ने की मंथन इस अहम बैठक में सरकार के शीर्ष मंत्रियों ने शिरकत की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर, संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सहित कई अन्य वरिष्ठ मंत्री मौजूद थे। सरकार के सभी प्रमुख विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर विशेष ध्यान दिया गया।
ऊर्जा और सप्लाई चेन पर फोकस चर्चा का मुख्य केंद्र पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का भारत पर पड़ने वाला प्रभाव था। विशेष रूप से ऊर्जा (Energy) की आपूर्ति, पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और वैश्विक सप्लाई चेन में आने वाली बाधाओं पर गहराई से विश्लेषण किया गया। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि युद्ध की स्थिति में भी देश की आर्थिक स्थिरता प्रभावित न हो।
पेट्रोल-डीजल और जरूरी सामान की चिंता सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और अन्य जरूरी वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, एक दिन में 54 लाख से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अस्थिरता का बोझ आम जनता पर कम से कम पड़े।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पुख्ता तैयारी रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार नागरिकों की सुरक्षा और देश की आर्थिक मजबूती के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बैठक इस बात का संकेत है कि भारत किसी भी संभावित खतरे या वैश्विक संकट का सामना करने के लिए पहले से ही ठोस और त्वरित कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
Delhi | Raksha Mantri Rajnath Singh chaired the first meeting of the Informal Empowered Group of Ministers (IGoM) set up to monitor the evolving situation in West Asia and recommend proactive measures in response to the developments.
— ANI (@ANI) March 28, 2026
Need to adopt medium to long-term… pic.twitter.com/u33SsXzigd
ईरान की मिसाइलों पर थैंक्यू इंडिया क्यों? बारूद से ज्यादा कूटनीतिक धमाका!
क्लास में मुस्लिम छात्र को कहा आतंकवादी , बेंगलुरु के प्रोफेसर हुए सस्पेंड
नोएडा जेवर एयरपोर्ट: 5 एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड रेल का महाजाल, दिल्ली-NCR से सफर होगा आसान
IPL 2026: ईशान किशन की कप्तानी पारी से गूंजा चिन्नास्वामी, RCB को मिला 202 रनों का विशाल लक्ष्य
सुभाष घई की सैंड आर्ट फोटो का सच: AI के झांसे में आए फिल्म निर्माता, सुदर्शन पटनायक ने किया खुलासा
IPL 2026: डेब्यू में ही बरपा जैकब डफी का कहर, 13 गेंदों पर नहीं दिया एक भी रन
RCB से हार के बाद कप्तान ईशान किशन का छलका दर्द, हार का ठीकरा इन गलतियों पर फोड़ा
सिनेमा हॉल में बवाल: धुरंधर 2 की एंट्री न मिलने पर परिवार ने स्टाफ को पीटा, वीडियो वायरल
मंत्री जी, प्रोफेसर तो बन गए लेकिन राजनीति विज्ञान के बुनियादी पाठ में ही फेल हो गए!
ईरान-सऊदी का गुप्त खेल : ट्रंप क्यों कर रहे हैं क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को बेनकाब?