ईरान के साथ जारी युद्ध को एक महीना पूरा हो चुका है। 28 फरवरी से अमेरिका और इजराइल ईरान के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर लगातार हमले कर रहे हैं। इस बीच, पर्दे के पीछे सऊदी अरब की भूमिका को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप से बात की और ईरान पर हमलों को और तेज करने की गुजारिश की। प्रिंस का सुझाव था कि ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) को पूरी तरह तबाह कर दिया जाए और जरूरत पड़ने पर जमीनी हमले भी किए जाएं।
दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ MBS निजी तौर पर युद्ध को धार देने की अपील कर रहे हैं, वहीं सार्वजनिक रूप से सऊदी अरब लगातार खुद को शांति का पक्षधर बता रहा है और इन रिपोर्टों से दूरी बना रहा है।
ट्रंप प्रशासन इस युद्ध के बीच MBS को लगातार नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है। ट्रंप ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि, एमबीएस ने मुझे हल्के में लिया था, लेकिन अब उन्हें मेरे साथ अच्छा व्यवहार करना पड़ रहा है क्योंकि अमेरिका अब पहले से कहीं अधिक ताकतवर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप जानबूझकर सऊदी की गुप्त रणनीतियों को मीडिया में लीक कर रहे हैं। एक तरफ ट्रंप उन्हें योद्धा बताकर तवज्जो देते हैं, तो दूसरी तरफ उनकी गुप्त मांगों को उजागर कर उन्हें वैश्विक मंच पर कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
सऊदी अरब की यह दोहरी चाल उसकी मजबूरी है। रियाद को डर है कि अगर ट्रंप ने युद्ध बीच में ही रोक दिया, तो पूरे पश्चिम एशिया में ईरान का दबदबा बढ़ जाएगा। यमन से लेकर लेबनान तक ईरान और सऊदी के बीच लंबे समय से प्रॉक्सि वॉर चल रही है। सऊदी के लिए ईरान को कमजोर देखना अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है, और इसी कमजोरी का फायदा उठाकर ट्रंप अपनी शर्तें मनवा रहे हैं।
सऊदी अरब के लिए यह जंग एक दुधारी तलवार साबित हो रही है। यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो प्रिंस सलमान का महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट विजन 2030 बुरी तरह प्रभावित हो सकता है, जिससे विदेशी निवेशक सऊदी से दूर जा सकते हैं।
होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से सऊदी का तेल व्यापार पहले ही संकट में है। रियाद न तो जंग से बाहर निकल पा रहा है और न ही उसे जारी रखने की स्थिति खुद संभाल पा रहा है। इसी लाचारी का लाभ उठाकर ट्रंप प्रशासन MBS को अपनी उंगलियों पर नचा रहा है।
इस बीच खबर है कि हूती विद्रोहियों ने भी युद्ध में सक्रिय रूप से कूदने का फैसला किया है। इससे न केवल होर्मुज स्ट्रेट बल्कि अन्य समुद्री रास्ते भी बंद होने की कगार पर हैं। इससे वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल की आशंका है, जो सीधे तौर पर सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाएगी।
🚨🇸🇦🇺🇸 BREAKING — Trump about MBS:
— ✦✦✦ 𝙿𝚊𝚖𝚙𝚑𝚕𝚎𝚝𝚜 ✦✦✦ (@PamphletsY) March 28, 2026
“He didn’t think he would be kissing my ass, he really didn’t…he better be nice to me..”
Trump is humiliating his Saudi Puppet pic.twitter.com/T3zJypdxAO
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