कनाडा में खत्म होगा खालिस्तानी प्लेग्राउंड : बिल C-9 से नकेल कसने की तैयारी
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कनाडा सरकार ने अपने देश में फल-फूल रहे खालिस्तानी कट्टरपंथियों पर लगाम लगाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। बिल C-9 के जरिए कनाडा के सुरक्षा ढांचे में बड़ा बदलाव किया जा रहा है, जिसका सीधा मकसद उस माफी की संस्कृति (Culture of Impunity) को खत्म करना है, जिसका फायदा उठाकर अलगाववादी तत्व लंबे समय से अपनी गतिविधियां चला रहे थे।

नफरत फैलाने वालों पर अब सीधी कार्रवाई बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह के अनुसार, इस नए कानून के तहत बब्बर खालसा इंटरनेशनल जैसे आतंकवादी संगठनों के प्रतीकों का इस्तेमाल करके हिंसा या नफरत भड़काने वालों के खिलाफ सीधे आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। पहले ऐसी गतिविधियों को अक्सर अभिव्यक्ति की आजादी का नाम देकर नजरअंदाज कर दिया जाता था, लेकिन अब यह ढाल हटा दी गई है।

धार्मिक आड़ का अंत बिल C-9 की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी कनाडाई कानून के सेक्शन 319(3)(b) को खत्म करना है। इस सेक्शन का गलत फायदा उठाकर कट्टरपंथी धार्मिक ग्रंथों का हवाला देते हुए नफरत फैलाते थे और कानूनी मुकदमे से बच जाते थे। अब धर्म की आड़ में अपराध छिपाने का रास्ता बंद हो गया है।

मंदिरों की सुरक्षा और सख्त कानून कनाडा में भारतीय मूल के लोगों और मंदिरों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं चिंता का विषय रही हैं। नए कानून में अब पूजा स्थलों तक जाने में रुकावट डालना या भक्तों को धमकाना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगा। सबसे अहम बात यह है कि पुलिस को कार्रवाई करने के लिए अब अटॉर्नी जनरल की पूर्व मंजूरी की जरूरत नहीं होगी, जिससे अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

राजनीतिक मजबूरियों का दौर खत्म आरपी सिंह ने जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली पिछली माइनॉरिटी सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक वजूद बचाने के लिए पहले नेशनल सिक्योरिटी से समझौता किया गया था। इसका खामियाजा भारत-कनाडा संबंधों और कनाडा की ग्लोबल साख को उठाना पड़ा।

आर्थिक सहयोग और सुरक्षा का नया अध्याय कानूनी बदलावों के साथ-साथ कनाडा ने अब आतंकवाद की फंडिंग पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। संदिग्ध एनजीओ (NGO) का ऑडिट शुरू किया गया है। माना जा रहा है कि इन सुधारों से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि दोनों देशों के बीच इंटेलिजेंस शेयरिंग, एनर्जी और मिनरल सेक्टर में आर्थिक सहयोग के नए रास्ते भी खुलेंगे। बिल C-9 को कनाडा की अपनी पिछली गलतियों को सुधारने और कानून का शासन बहाल करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

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