नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने अपनी तैयारियों को पुख्ता करने के लिए सक्रिय कदम उठाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में अनौपचारिक मंत्रियों के समूह (IGoM) की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसमें देश की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति व्यवस्था पर चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य एजेंडा इस बैठक में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र भारत की ऊर्जा आपूर्ति में आने वाले संभावित जोखिमों को कम करना था। इसके अलावा, देश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की मजबूती और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ने वाले असर की गहन समीक्षा की गई।
नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। संघर्ष के कारण देश के आर्थिक हितों पर कोई आंच न आए, इसके लिए सरकार पूरी तरह सतर्क है।
पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ की बैठक इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक डिजिटल बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य टीम इंडिया के रूप में समन्वय बनाना था ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल हो सके।
बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल? इस महत्वपूर्ण बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। इनमें योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश), भूपेंद्र पटेल (गुजरात), रेवंत रेड्डी (तेलंगाना), उमर अब्दुल्ला (जम्मू-कश्मीर) और भगवंत मान (पंजाब) सहित अन्य राज्यों के प्रमुख मौजूद थे।
तेल और गैस आपूर्ति पर है नजर मिडिल ईस्ट का संकट भारत के लिए चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारत के लिए तेल और गैस के बड़े जहाज गुजरते हैं। किसी भी वैश्विक तनाव का सीधा असर समुद्री व्यापारिक मार्गों पर पड़ता है। सरकार इन चुनौतियों को देखते हुए पहले से ही वैकल्पिक योजनाओं पर काम कर रही है ताकि घरेलू स्तर पर ईंधन और जरूरी सामानों की कोई कमी न हो।
*A meeting of an IGoM (Informal Group of Ministers) constituting several senior ministers was held today to review the risks to energy supplies, domestic availability of essential commodities, critical infrastructure resilience and robustness of India’s supply chains in the wake… pic.twitter.com/olF6ragjCE
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) March 28, 2026
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